जालौन-उरई । नगर के मोहल्ला जोशियाना में चल रही श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन कथावाचक सुबोधानंद जी महाराज औरैया द्वारा भक्तों को राजा परीक्षित तथा कलयुग के आगमन की कथा श्रवण कराई गयी जिसे सुनकर श्रोतागण भाव विभोर हो गए ।
कथा व्यास द्वारा श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन राजा परीक्षित की कथा को श्रवण कराया गया जिसमें बताया गया कि द्वापर के जाने के बाद कलयुग का पदार्पण हुआ । उसे राजा पारीक्षित ने ही सोने में वास की अनुमति प्रदान कर दी थी जिसके कारण वह राजा परीक्षित के स्वर्णमुकुट में आ बैठा जिसके चलते बुद्धि विवेक का हरण हो जाने से राजा परीक्षित ने तपस्या कर रहे ऋषि के गले में मरा हुआ सर्प डाल दिया । जब ऋषि तपस्या भंग हो जाने से चैतन्य हुए तो राजा की धृष्टता देख उन्होंने परीक्षित को श्राप दे दिया कि यही मरा हुआ सांप सातवें दिन तुम्हें जीवित हो कर काट लेगा जिससे तुम्हारी मृत्यु हो जाएगी। मुकुट उतारने पर जब राजा को अपने साथ हुए अनर्थ का बोध हुआ तो भयभीत राजा ने सात दिन श्रीमद्भागवत का श्रवण किया। जिससे उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हुई। श्राप के चलते कथा के अंतिम दिन मरे हुये सर्प ने उन्हें डस लिया। परीक्षित सिया प्यारी द्वारा पूजन अर्चना की गयी । इस मौके पर अनूप तिवारी, अतुल, मुरारीलाल, डॉ मुन्ना , शील कुमार, रवि, संध्या तिवारी, मेधा, सीमा पाठक, दिनेशचंद्र, भारती मीनू ,आशीष मिश्रा समेत कई गणमान्य भक्त उपस्थित थे।






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