– 72 हजार 202 परिवारों को वित्तीय फायदा,  10 हजार 847 स्वच्छकारों को दिए गए 40 हजार रुपए

 

उरई। कांग्रेस, सपा और बसपा ने दलितों को नारकीय पेशे से मुक्त करवाने के लिए कोई योजना नहीं चलाई। यदि उन इलाकों में शौचालय बनवा दिए होते, जहां पर हाथ से मैला उठाने की प्रथा है, तो दलितों को इससे मुक्ति मिल गई होती। ये काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया है। हाथ से मैला उठाने की कुप्रथा को बंद करने के लिए हम उन महिलाओं और परिवारों के आभारी हैं, जिन्होंने सरकार की अपील पर अमल किया है। ये बातें  अनुसूचित जाति एवं जनजाति वित्त और  विकास निगम के अध्यक्ष लालजी निर्मल  ने पीडब्लूडी निरीक्षण भवन में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कही ।

 

डॉ. निर्मल ने कहा कि केंद्र सरकार से वर्तमान वित्तीय वर्ष में लगभग 138 करोड़ रुपए की धनराशि उत्तर प्रदेश सरकार को अनुसूचित जाति के उत्थान के लिए उपलब्ध करवाई गयी  है। इस धनराशि को चयनित लाभार्थियों को दिए जाने की प्रक्रिया चल रही है। इसके साथ ही हाथ से मैला उठाने वाले 11230 स्वच्छकारों में से 10 हजार 847 स्वच्छकारों को 40 हजार रुपए प्रति स्वच्छकार की दर से पुनर्वास के लिए  43.39 करोड़ रुपए दिए गए हैं।

 

अनुसूचित जाति एवं जनजाति वित्त एवं विकास निगम पिछले छह महीने में 72 हजार 202 परिवारों को वित्तीय फायदा पहुंचा चुका है। इसमें से 60 हजार 922 लाभार्थियों का जहां चयन कर लिया गया है, वहीं पर 12 हजार 280 परिवारों को 1447.94 लाख रुपए की वित्तीय सहायता उपलब्ध करवा दी गई है। यह अब तक के इतिहास में दलितों को दी जाने वाली सबसे कम समय में सबसे अधिक धनराशि है। यही नहीं, निगम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा निर्देशों में  कम समय में सबसे अधिक लाभार्थियों का चयन करने और उन्हें फायदा पहुंचाने की नीति को साकार करने में भी सफल रहा है।

 

सीवर सैप्टिक टैंकों में वर्ष 1993 के बाद हुई मौत के 71 मामलों में 49 मृत कर्मियों के आश्रितों को 373.61 लाख की आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई गई है। इन 49 परिवारों को 10 लाख रुपए की पूर्ण क्षतिपूर्ति की गई है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार के कैबिनेट की बैठक में सीवर सफाई के दौरान आए मौत के मामलों में मृतक के परिवारवालों को क्षतिपूर्ति उपलब्ध करवाए जाने का निर्णय लिया गया है।

 

पिछली सरकारों द्वारा राज्य गारंटी न लिए जाने के कारण यह निगम राष्ट्रीय निगमों से आसान ब्याज दर पर सीधे ऋण प्राप्त कर लक्षित समुदाय का उत्थान नहीं कर पा रहा है। इस संदर्भ में केंद्र सरकार के अधिकारियों के साथ बैठकें जारी हैं। निगम लांड्री और दुकान निर्माण योजना के तहत दिए जाने वाले ऋण पर ब्याज नहीं लेती है। लॉड्री के लिए 2 लाख 16 हजार और दुकान निर्माण के लिए 78 हजार रुपए दिए जाते हैं।

 

डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने कहा है कि केंद्र सरकार ने अनुसूचित जातियों के लिए 9000 पेट्रोल पम्प विज्ञापित किये  हैं । इसका सीधा लाभ हाशिए के समाज को मिलेगा। इसके पहले 3000 एलपीजी टैंकर अनुसूचित जातियों के लिए विज्ञापित किए गए थे।

 

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