* भाषण में मुस्कान, वाद-विवाद में छाया, अनुराधा तथा कविता पाठ में ज्योति व संतुष्टिï अव्वल

* अटलजी की 95वीं जयंती पर अशोक शुक्ला महिला महाविद्यालय में हुई प्रतियोगिताएं

कोंच-उरई । तहसीलदार भूपाल सिंह ने कहा है कि बच्चों में कुछ नैसर्गिक प्रतिभाएं और रुझान होते हैं जो उन्हें आगे ले जाने और अपना भबिष्य तय करने में सहायक होतीं हैं। इन रुझानों और प्रतिभाओं की असमय ही भ्रूण हत्या कर दी जाती है और अभिभावक उनके ऊपर अपनी पसंद थोप देते हैं जिसके चलते बच्चे अधकचरा ज्ञान हासिल करके दिक्भ्रमित हो जाते हैं। अभिभावकों को अपने पाल्यों पर अपनी मर्जी थोपने से बचना चाहिए और बच्चे का रुझान जिस तरफ हो उसी के अनुसार उसे प्रोत्साहित किया जाए। यह बात उन्होंने सोमवार को अटलजी की 95वीं जयंती के उपलक्ष्य में अशोक शुक्ला महिला महाविद्यालय में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के दौरान बतौर मुख्य अतिथि कही। उन्होंने अटलजी को बहुमुखी प्रतिभा का धनी निरुपित करते हुए कहा कि उन्होंने अपने कृत कार्यों से सभी को प्रभावित किया जिसके चलते वे सभी दलों के लिए आदरणीय बन गए।

अशोक शुक्ला महिला महाविद्यालय के प्रबंधक विपिन शुक्ला विक्कू की अध्यक्षता, तहसीलदार भूपाल सिंह के मुख्य आतिथ्य और बरिष्ठ पत्रकार पुरुषोत्तमदास रिछारिया के बिशिष्ट आतिथ्य में वाद-विवाद, भाषण और कविता पाठ आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया जिनमें कई प्रतिभाशाली छात्राओं ने प्रतिभाग किया। निर्णायक मंडल में शिवप्रसाद निरंजन व देवेन्द्र द्विवेदी शामिल रहे। भाषण प्रतियोगिता में मुस्कान खातून ने पहला स्थान अर्जित किया, जबकि कविता पाठ में ज्योति पटेल व संतुष्टिï तिवारी एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता में छाया चौहान व अनुराधा ने संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया। इन प्रतियोगिताओं में ऋतु पटेल, शिवानी पटेल, विपेन्सी, फूलबानो, सायरा आदि का प्रदर्शन काफी सराहनीय रहा। संचालन डॉ. मृदुल दांतरे ने किया। इस दौरान प्रतीक सोनी, मनीषा चंदेरिया, निधि मिश्रा, शबानाबानो, वीरेन्द्र त्रिपाठी, अजय पाठक, महेन्द्रसिंह, निशांत मिश्रा, शाहरुख खान आदि मौजूद रहे।

 

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