• ऐबरा में सरकारी और बदनपुरा में पीपीपी मॉडल पर बनेगी गाशालाएं

कोंच-उरई । आवारा मवेशियों के प्रबंधन के लिए सरकारी स्तर पर भी गोशालाओं के निर्माण की पहल की गई है। कोंच तहसील क्षेत्र में हालांकि स्थानीय और जिला प्रशासन की पहल पर गांव गांव मवेशी बाड़ों का इंतजाम कर आवारा जानवरों को उनमें बंद किया गया है लेकिन मिली जानकारी में बताया गया है कि दो बड़े स्तर की गोशालाओं के निर्माण को मंजूरी मिली है जिनमें एक गो विहार के नाम से पहूज के बीहड़ ऐबरा में और दूसरी पीपीपी मॉडल पर कोंच के महेशपुरा रोड पर बदनपुरा मौजे में बनेगी। तहसील स्तर से दोनों के प्रस्ताव बना कर भेजे गए हैं।

कोंच तहसील क्षेत्र के पहूज बीहड़ पट्टी में बसे ग्राम ऐबरा में गो विहार का निर्माण प्रस्तावित है। गाटा सं. 1 (ग) के रकवा 2.8 हेक्टेयर में यह गो विहार लगभग डेढ करोड़ की लागत से बनेगा। इस गो विहार में सभी सुविधाएं मुहैया कराने की योजना है और इसका प्रबंधन पशु पालन विभाग के हाथों में होगा। एसडीएम गुलाब सिंह ने बताया है कि इसमें लगभग एक हजार गायों के रहने खाने और टहलने की व्यवस्था रहेगी। इसके अलावा गोमूत्र और गोबर का भी व्यवसायिक उपयोग करके आर्थिक मुनाफा कमाया जा सकता है जिसका उपयोग गो विहार के प्रबंधन पर किया जा सकेगा। दूसरी गोशाला कान्हा गोशाला के नाम से कोंच तहसील मुख्यालय से लगभग दो किमी की दूरी पर महेशपुरा रोड पर पड़ी खलिहान की भूमि गाटा सं. 585 रकवा 2.4 हेक्टेयर में बनेगी। यह गोशाला पीपीपी मॉडल पर बनेगी जिसके लिए एनजीओज से निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी। ये दोनों गोशाएं आवारा मवेशियों के सुचारु प्रबंधन में मील का पत्थर साबित होंगी। एसडीएम ने बताया कि दोनों गोशालाओं के प्रस्ताव बना कर जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को भेज दिए गए हैं।

 

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