माधौगढ़-उरई । बेशक सत्ता परिवर्तन के बाद तहसील में लोगों ने यह आशा की हो कि कर्मचारी ईमानदारी से कार्य करेंगे लेकिन दूसरे जिलों से आये कानूनगो अपनी मर्जी और रुतबे से काम रहे हैं। एसडीएम और तहसीलदार के आदेश कानूनगो की हठधर्मिता के आगे असरहीन साबित हो रहे हैं। कानूनगो का आलम है कि कोई अपने को सत्ता का नजदीक बताता है तो कोई फीलगुड के बिना कदम नहीं बढ़ाना चाहता। हालांकि ऐसे कई मामलों में हीलाहवाली करने की बात संज्ञान में आई तो एसडीएम मनोज सागर ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी कानूनगो को चेतावनी पत्र कर जवाब मांगा है।
वैसे तो तहसील अधिवक्ताओं और अधिकारियों के टकराव की वजह से सुर्खियों में बनी रही लेकिन इस टकराव में तहसील कर्मी लापरवाह और बेलगाम हो गया है। आरआई तहसीलदार के आदेशों का मखौल उड़ा रहे हैं। पहला मामला अतरेहटी का है जहां नरेश पुत्र शत्रुघन सिंह ने अपर आयुक्त के यहां 7 अगस्त को ग्राम में वर्ष 2010 से 2015 तक के विकास कार्यों में पूर्व प्रधान लाली देवी के गोलमाल की शिकायत की थी। जिस पर अपर आयुक्त ने डीएम से आख्या मांगी। डीएम के आदेश पर एसडीएम ने 31 अगस्त को स्थलीय जांच के लिए टीम बना दी। उसके बाद तहसीलदार ने उस आदेश पर कानूनगो राजेन्द्र त्रिपाठी से 15 सितंबर को आख्या मांगी लेकिन कानूनगों ने विरोधी से फीलगुड कर फाइल को दबा दी। चार महीने से कानूनगो ने उस फाइल के बारे में अधिकारियों को जानबूझकर ज्ञात नहीं कराया।
दूसरा मामला बाबूपुरा में विश्वनाथ पुत्र मुन्नालाल ने 11 दिसंबर को एसडीएम को शिकायती पत्र दिया और बताया कि लेखपाल संदीप ने चकरोड 177 की पैमाइश गलत कर उसके खेत की नाप कर दी जिसमे 8 लठ्ठा खेत कम कर दिया जबकि चकबंदी से लेकर पहले भी जांच हुईं तो पैमाइश सही होती रही लेकिन इस बार लेखपाल ने विरोधी से मिलकर खेत की गलत नाप करा ली और उसके बाद उसमें राजस्व व पुलिस की साठगांठ से अवैध निर्माण शुरू करा दिया। इस पर एसडीएम ने तहसीलदार कर्मवीर सिंह को स्थलीय जांच कर अवैध निर्माण पर आख्या मांगी। जिस पर तहसीलदार ने आरआई शिवम राठौर से आख्या मांगी लेकिन 15 दिनों से मामला ठंडे बस्ते में हैं और अवैध निर्माण धड़ल्ले से चल रहा है। ऐसे और भी प्रकरण है जिन्हें आरआई दबा कर बैठे रहते हैं,और आमजन परेशान होता रहता है।
हालांकि मामले संज्ञान में आने पर एसडीएम मनोज सागर ने सभी कानूनगो के लिए चेतावनी पत्र जारी करते हुए जवाब मांगा है।
पुश्तैनी गांव में ही तैनात हैं कानूनगो
कानूनगों शिवम राठौर तहसील में विवादित बने रहते हैं। इसके पहले भी कई प्रकरणों में लोगों ने इनके खिलाफ शिकायतें की हैं। शिवम राठौर पुस्तैनी नावर के निवासी हैं और वही उनका क्षेत्र है जिससे वहां लोगों का आरोप है कि वह द्वेष भावना से कार्य करते हैं। इसके अलावा रवैया भी शालीन नहीं है,जिससे आमजन उनके बर्ताव से क्षुब्ध है।






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