
कालपी –उरई । प्रमुख धर्म स्थल बरसाना आश्रम तथा बड़ा स्थान कालपी के महामंडलेश्वर 1008 महंत रामकरन दास जी महाराज ने अवगत कराया है कि प्रयागराज में शुरू हो रहे महाकुंभ के दौरान शाही स्नान में हिस्सा लेने के लिए साधु संतों का जत्था रवाना होगा । महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 महंत राम करनदास जी महाराज की अगुवाई में 11 जनवरी को कालपी के धर्मस्थलों से रवाना होने के लिए श्रद्धालुओं द्वारा तैयारियां की जा रही है।
यमुना नदी के पावन तट पर स्थित प्राचीन एवं धार्मिक महत्व के बुंदेलखंड के कालपी धाम बड़ा स्थान को जिला जालौन के प्रथम खालसा का दर्जा प्रयागराज में हासिल हुआ है। महामंडलेश्वर राम करनदास ने बताया कि संगम तट के परिसर में आवंटित जिले के खालसा में भारी संख्या में साधु, संत एवं बाबा मौजूद रहे। जनपद के श्रद्धालुओं के लिए खालसा का पता सेक्टर-12 मुक्तिधाम प्रयागराज है। वहां पर साधु, संत, बाबा एवं श्रद्धालुगण सनातन धर्मी लोग खालसा परिसर प्रयागराज में पहुंचे।
कालपी प्रवास के दौरान महामंडलेश्वर ने बताया कि धर्म नगरी कालपी का हिंदू धर्म में बहुत अधिक महत्व है। उन्होंने बताया कि प्रथम शाही स्नान मकर संक्रांति के पर्व पर 15 जनवरी को मौनी अमावस्या को, 4 फरवरी तथा बसंत पंचमी 10 फरवरी को प्रयागराज के महाकुंभ में शाही स्नान होगा। शाही स्नान में शामिल होने के लिए बड़े स्थान से साधु, संत एवं श्रद्धालुओं का जत्था धार्मिक रीति-रिवाज से कालपी से रवाना होगा। उन्होंने शाही स्नान एवं महाकुंभ के बारे में श्रद्धालुओं तथा शिष्यों से चर्चा करते हुए महत्वता का वर्णन किया।






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