
* नहर में लापता हुई पूनम का पांचवें दिन भी नहीं लगा सुराग
* नहर किनारे चक्कर लगा रहे हैं गमजदा परिजन
कोंच-उरई । पिछले दिनों उफनाती नहर में समाई सत्रह बर्षीय पूनम का अभी तक कोई पता नहीं चल सका है। ढूंढ ढूंढ कर नरेशान प्रशासन ने अब सर्च ऑपरेशन भी बंद कर दिया है, प्रशासन को अब ऊपर बाले का ही सहारा है लेकिन पूनम के गमजदा परिजन नहर किनारे किनारे अपनी तलाश जारी रखे हैं।
गौरतलब है कि कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पडऱी निवासी साहबसिंह की सत्रह बर्षीय पुत्री पूनम पहली जनवरी को उस वक्त उफनाती जालौन शाख के गुरावती पुल पर नहर में समा गई थी जब वह हाथ पैर धोने के लिए नहर के घाट पर गई थी। जब यह घटना घटी तब उसके साथ उसकी मां भी थी लेकिन बेटी को बचाने के लिए वह कुछ भी नहीं कर सकी तब उसने गांव में जाकर लोगों को पूनम के नहर में चले जाने की बात बताई थी। सूचना पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए थे और पूनम की खोज के लिए गोताखोरों को भी नहर में उतारा गया था लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। पुलिस भी थक हार कर बैठ गई है और पिछले दो दिनों से तलाशी अभियान भी ठप पड़ गया है। हालांकि पुलिस ने उसकी काफी खोजबीन की, यहां तक कि आगे के पुल में जाल भी बांधा गया जो अभी भी बंधा है और उसमें एक मृत गाय आकर फंस गई है लेकिन पूनम अभी भी बेसुराग बनी हुई है। उसके परिजन ही अब नहर के किनारे किनारे उसकी खोजबीन में जुटे हैं।
झाल के पास पंद्रह फीट गहरा गड्ढा है नहर में
जिस जगह पूनम नहर में समाई है वहां झाल के पास तकरीबन पंद्रह फीट गहरा गड्ढा है जिसमें बड़े बड़े पत्थर भी पड़े बताए गए हैं। उस गड्ढे की दूरी घाट से महज दस बारह फीट ही है और अंदेशा जताया जा रहा है कि कहीं पूनम उसी गड्ढे में न फंस गई हो। सर्च ऑपरेशन के लिए नहर में उतारे गए गोताखोर भी उस गड्ढे की गहराई नहीं नाप सके थे लिहाजा इस संभावना से इंकार भ्ज्ञी नहीं किया जा सकता कि पूनम कहीं गड्ढे में ही न हो। उसके पिता साहबसिंह को हालांकि पुलिस या प्रशासन से किसी प्रकार की शिकायत नहीं है और वह खोज अभियान से संतुष्टï भी है लेकिन उसने भी आशंका यही जताई है कि पूनम गड्ढे में हो सकती है। इसके लिए निश्चित रूप से नहर का पानी उतरने का इंतजार करना होगा।





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