जगम्मनपुर –उरई । लगभग 31 वर्ष पूर्व लापता हुए अधेड़ की वृद्ध साधु के रूप में अचानक गांव वापसी से  ग्रामीणों एवं परिजनों में आश्चर्य मिश्रित हर्ष की लहर व्याप्त हो गई ।

रामपुरा थाना अंतर्गत ग्राम गुढा निवासी ओंकार सिंह पुत्र मन्नी सिंह सेंगर यहां के प्रसिद्ध मंदिर करनखेऱा पर रहकर पूजा अर्चना करते थे । आज से 31 वर्ष पूर्व वर्ष 1987 में वह अचानक लापता हो गए । परिवार के लोगों ने संभावित स्थानों पर उनकी हर संभव खोज की लेकिन वह कहीं नहीं मिले । लापता होने के समय उनके 3 पुत्रों में राजू उर्फ कृष्ण पाल सिंह की उम्र 19 वर्ष थी । छोटे बेटों में  विष्णु पाल सिंह एवं जगत सिंह की उम्र क्रमशः 9 एवं 4 वर्ष थी । लापता होने की अवधि अधिक बीत जाने पर परिवार के एवं गांव के लोगों ने उन्हें मृत समझ लिया था लेकिन आज अचानक सुबह एक वृद्ध साधु ने गुढा गांव में प्रवेश किया।  उस साधु के लिए पूरा गांव परिचित था लेकिन गांव की शक्ल सूरत बदल गई थी । साधु अचानक कृष्ण पाल सिंह के दरवाजे पर पहुंच गया । कृष्णपाल सिंह ने अपने पिता को देखते ही पहचान लिया और हर्ष से चीखकर गांव एवं परिवार के लोगों को अपने पिता के वापसी आने की जानकारी दी।  यह खबर गांव में आग की तरह फैल गई और लोगों का हुजूम उन्हें देखने के लिए उमड़ पडा । वापस आए साधु ओंकार सिंह वर्तमान नाम संत ओमकार दास ने बताया कि वह बर्ष 1987 में करनदेवी मंदिर पर पूजा करते थे ।  उसी समय ईश्वर की प्रेरणा से नदी के तट के किनारे किनारे  अनेक तीर्थों का भ्रमण करते तथा अनेक आश्रमों पर विश्राम करते हुए जूना अखाड़ा गुजरात में रहने लगे । कई दिनों उन्हें महसूस हो रहा था कि मुझे करन खेरा की देवी मां बुला रही है और वह अपनी मां की पुकार सुनकर आज वापस चले आए। यहां से वह कुंभ स्नान के लिए प्रयागराज चले जाएंगे । अपने पुत्रों एवं पोतों को देख कर उन्हें आशीर्वाद दिया एवं गांव के लिए शुभेच्छा व्यक्त की। वापस आए बाबा ओमकार दास को देखने वालों का तांता लगा हुआ है ।

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