कालपी-उरई । मकर संक्रांति पर्व पर यमुना नदी में हजारों श्रद्धालु डुबकी लगायेगे। स्नार्थियो की भारी भीड़ के मद्देनजर रखकर प्राचीन घाट में प्रशासनिक एवं विभागीय अफसरों ने निरीक्षण करके व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अप्रिय घटना से निपटने के लिए घाटों के किनारे नाविक तथा नाव की तैनाती की जायेगी।

पवित्र यमुना नदी में मकर संक्रांति के अवसर पर स्नान करने की प्राचीन एवं धार्मिक परंपरा रही है। किले घाट, बाई घाट, ढ़ोडेश्वर मंदिर घाट, मौरी घाट, व्यास मंदिर घाट, राजघाट आदि स्थानों में पहुंचकर दूर-दूर से आने वाले भक्त, महिलाये, बच्चे यमुना मैया की पूजा-अर्चना करते हैं तथा डुबकी लगाकर श्रद्धा पूर्वक दान पुण्य करते हैं। घाटों के समीप बने बांके बिहारी धाम, पातालेश्वर मंदिर, स्वर्ग नसैनी मंदिर, सूर्य मंदिर में पहुँचकर भक्तगण प्रार्थना एवं पूजा में हिस्सा लेते है।

विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के द्वारा खिचड़ी भोज का कार्यक्रम होता है। उपजिलाधिकारी सुनील कुमार शुक्ला, सीओ सुबोध गौतम, कोतवाल सुधाकर मिश्रा, नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी सुशील कुमार दोहरे समेत जिम्मेदार अधिकारियों ने घाटो में सफाई, रोशनी, सुरक्षा अलाव आदि की व्यवस्था का  निरीक्षण किया। इसी प्रकार घाटों के आसपास अप्रिय घटना से निपटने के लिए नाविकों को तैनात करने की भी व्यवस्था की गई है।

 

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