
उरई। ढाई महीने पहले जालौन कोतवाली क्षेत्र में हुई महिला की हत्या के मामले में पुलिस की ईमानदार छानबीन के चलते 3 बेगुनाह जेल जाने से बच गए । पुलिस के हाथ आखिरकार इस ब्लाइंड केस के असली कर्ता-धर्ता के गिरेबान तक पहुंच गए जिसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया । झांसी परिक्षेत्र के उप महानिरीक्षक ने इस खुलासे में असाधारण सूझबूझ दिखाने के लिए इसमें शामिल पुलिस टीम को 25 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की ।
जालौन कोतवाली क्षेत्र के छिरिया सलेमपुर में गत 1 नवम्बर को सड़क के किनारे गुमटी में रहने वाली महिला रामवती की हत्या कर दी गई थी जिसे ले कर मृतका के परिजनों ने गांव के ही तीन लोगों आदित्य कुमार उर्फ रेनू , अकील उर्फ टक्कल और कैलाश को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी । छानबीन में पुलिस को पता चला कि आरोपित इसमें शामिल नहीं हैं । लेकिन असली गुनहगार को पकड़े बिना इसे नकारना पुलिस के लिए टेढ़ी खीर था । पुलिस अधीक्षक डॉ अरविंद चतुर्वेदी ने गुरुवार को बताया कि इस मामले में आखिरकार मुवीन निवासी कोंच को गिरफ्तार कर लिया जो घटना के समय अपने बहनोई मुन्ना खां के पास छिरिया सलेमपुर आया था ।
संदिग्ध क्रियाकलापों के कारण वह जांच के दौरान पुलिस की निगाह में आ गया । बाद में पुलिस ने पकड़ कर कड़ाई से उससे पूंछताछ की तो उसने बताया कि उसने शराब पी ली थी जिसके कारण वह नशे में हो गया । इस हालत में मृतका को देख कर उसकी नीयत बिगड़ गई । उसने महिला से जबरदस्ती की कोशिश की और उसके विरोध करने पर धक्कामुक्की हो गई जिसमें मृतका गिर पड़ी । इसी दौरान उसने कैंची से गोदकर उसकी हत्या कर दी । पुलिस अधीक्षक के मुताबिक हत्या में आरोपित की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त कैंची भी बरामद कर ली गई है । पुलिस अधीक्षक के साथ पत्रकारों से बातचीत के समय अपर पुलिस अधीक्षक सुरेन्द्र नाथ तिवारी और जालौन के उपाधीक्षक संजय कुमार शर्मा मौजूद थे ।






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