
उरई । अस्थायी गो शालाओं के निर्माण के नाम पर प्रधान और निकाय अध्यक्षों को वारे न्यारे करने का मौका मिल गया है जिससे जनता में असंतोष गहराता जा रहा है ।
रामपुरा क्षेत्र में नावर के बाद इसकी एक और मिसाल नगर पंचायत ऊमरी में सामने आई जहाँ सीमेंटेड खंभे गायों के बाड़े को तार की बाड़ से घेरने के लिए लगाये जा रहे हैं जिसमें कम सीमेंट के कारण घटिया मसाला लगाया जा रहा है । आशंका है कि बाड़े के अंदर जब मवेशी आपस में लड़ेंगे तो बाड़ा टूट जायेगा और मवेशी छुट्टा हो कर किसानों के लिए सिरदर्द पैदा करेंगे ।
साथ ही किसान गायों में आस्था रखते हैं और माता का दर्जा देते हैं । ऐसे में उनकी परवरिश के बजट में हेरा फेरी उन्हे गवारा नहीं है । आस्था पर चोट से उनमें बौखलाहट बढ़ रही है जिससे स्थिति किसी दिन विस्फोटक हो सकती है ।







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