उरई । अस्थायी पशु आश्रय गृह बनाने का मकसद नाकामयाब साबित हो रहा है । भ्रष्टाचार का घुन इस मामले में सरकार की मंशा पर भारी पड़ गया है ।

बेसहारा गायों की रेवड़ की रेवड़ के धावों से किसानों को फसल की रखवाली करने में जान पर बन आई थी जिसके समाधान के लिए सरकार ने सभी नगर निकायों और ग्राम पंचायतों को फसल कटने तक अस्थायी गो शाला बना कर उसमें इनके चारे पानी की व्यवस्था बनाने को कहा था । इसके तहत ऊमरी नगर पंचायत द्वारा हाल में बनाये गए आश्रयस्थल के तारों की बाड़ घटिया काम की वजह से रात में इसमें  बंद मवेशियों ने एक झटके में तोड़ दी जबकि निर्माण के समय ही इसके लिए बनाये जा रहे इंगिल में सीमेंट की जगह रेत का मसाला लगाये जाने पर लोगों ने आपत्ति जतायी थी और उनकी आशंकाएँ चरितार्थ हो गई ।

छुट्टा हुए लगभग 200 मवेशियों ने आस-पास के किसानों के खेत चार डाले जिससे उनमें हाहाकार मच गया । किसानों ने नगर पंचायत की करतूत पर आक्रोश जताते हुए जिला प्रशासन से कार्रवाई की माँग की है ।

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