
* जुझारपुरा में बद्रीप्रसाद और घुसिया में मथुराप्रसाद महाविद्यालय के एनएसएस शिविर जारी
कोंच-उरई । कस्बे के दो महाविद्यालयों के राष्टï्रीय सेवा योजना शिविर विभिन्न गांवों में जारी हैं जिनमें स्वयंसेवकों द्वारा ग्रामीणों को विभिन्न योजनाओं को लेकर जागरूक किया जा रहा है। सेठ बद्रीप्रसाद स्मृति महाविद्यालय का सात दिवसीय एनएसएस शिविर गुरुवार को गोद लिए गांव जुझारपुरा में शुरू हुआ जिसमें स्वयंसेवकों द्वारा गांव जाकर बेटी बचओ, बेटी पढाओ की अवधारणा को लेकर लोगों में जागरूकता पैदा की। इधर, ग्राम घुसिया में चल रहे मथुराप्रसाद महाविद्यालय के शिविर में चौथे दिन प्राथमिक विद्यालय तथा सड़क पर सफाई अभियान चला कर स्वच्छता का संदेश दिया।
जुझारपुरा में सेठ बद्रीप्रसाद स्मृति महाविद्यालय के शिविर के शुभारंभ अवसर पर बाल शिक्षा को लेकर गोष्ठी का आयोजन किया गया। शिविर के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता कर रहीं प्राचार्या डॉ. सावित्री गुप्ता ने बाल शिक्षा का महत्व समझाते हुए कहा कि बच्चे को जन्म से ही शिक्षा और संस्कार की आवश्यकता होती है जो पहले मां और घर के बड़े बूढों द्वारा दी जाती है और बाद में स्कूल में शिक्षकों द्वारा प्रदान की जाती है। बाल शिक्षा बच्चे की नींव होती है जिस पर खास ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। मुख्य अतिथि ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अनुजप्रताप सिंह ने राष्टï्रीय सेवा योजना के मूल सार को संक्षिप्त में बताया। इस दौरान राघवेन्द्र कौशल, सजल खरे, सृष्टि यादव, अखिलेशप्रताप सिंह, कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सरताज खान, नैन्सी आदि ने भी अपने विचार रखे। इधर, ग्राम घुसिया में मथुराप्रसाद महाविद्यालय के जारी शिविर में चौथे दिन स्वयंसेवकों ने गांव में घर घर जाकर पूछा कि सरकार द्वारा संचालित विभिन्न लाभकारी योजनाओं जैसे वृद्घावस्था पेंशन, विकलांग पेंशन, आवास, शौचालय आदि के लाभ उन्हें मिल रहे हैं या नहीं। इस दौरान कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मनोज तिवारी, अमन अग्रवाल, अंकुल राठौर, योगेन्द्रसिंह, किशन सोनी, निहालसिंह, पंकज, भानुप्रताप, राहुल, अंशिका, खुशबू, शिवांगी, रूबाखान, प्रियंका, आकृति, निष्ठा, नैना, ऋतिक राठौर, पूजा आदि मौजूद रहे।







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