
उरई । सूफी विचारधारा को मानने वालों ने शनिवार को सरकार पदम शाह बाबा के आस्ताने पर एकत्र हो कर उजली व उदार परंपराओं पर अपना विश्वास दोहराते हुए कश्मीर में सैन्य बलों पर हुए हुए आतंकवादी हमले की तीव्र भर्त्सना की ।
आस्ताने पर उमड़े श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुमताज रहमानी ने कहा कि शहीद जवानों की कुर्बानी एक ऐसा कर्ज है जिसे समाज को सद्भाव व अमन के लिए अपनी प्रतिबद्धता से अदा किया जाना चाहिये । हमारी भावनाएँ उबाल पर है और आतंकवाद पर जोरदार प्रहार से कुछ कुछ शांति मिलेगी । मुहम्मद जमाल छोटू ने कहा कि सूफ़ीवाद हमेशा नफरत आतंकवाद का तीव्र विरोधी रहा है । सुन्नी उलेमाओं ने लगातार कुर्बानी दे कर इस भावना को व्यक्त भी किया है ।
आरिफ़ कादरी ने कहा कि हम संक्रमण काल में उदार इस्लाम के पक्षधर होने का ऐलान करते हैं और जो लोग आतंक पर आमादा हैं उन्हे अपना खुला दुश्मन मानते हैं । मुहम्मद मुही आज़म ने कहा सूफिया का जो जीवन दर्शन इस्लाम ने हमें दिया है और जो रास्ता इस्लाम ने दिखाया है हम उस पर अडिग है । शायर शफ़ीकुर रहमान कशफ़ी , रफीउद्दीन पन्नू, सईद मुन, मुन्ना बाबू , अशरफ मंसूरी , कयूम बरकाती , इदरीस चिश्ती , अरशद कादरी , सलीम खान , रिज़वान मास्टर , हाजी शमशेर कादरी , शादाब शाह , कयूम अंसारी आदि ने बहस में शिरकत की । ज़ुबैर असलम और चुन्नू इंडिका ने इस्लामी काव्य प्रस्तुत किए ।,






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