कोंच -उरई ।आगामी 21 मार्च को होली के अवसर पर कोंच के केलरगंज में होने जा रहा महामूर्ख सम्मेलन कई मायनों में अनूठा होगा और लंबे समय तक लोग इसकी स्मृतियों को भुला नहीं सकेंगे। इसे ऐतिहासिक और अविस्मरणीय बनाने के लिये आयोजक संस्था ‘बुंदेली संस्कृति एवं लोक कला संबद्र्घन संस्थान’ के कार्यकर्ता लगातार मंथन बैठकें कर इसके साहित्य समायोजन को अंतिम रूप देने में लगे हैं। संस्था के जिम्मेदार लोगों की अगर मानें तो मूर्खाधिराज के बारातियों के लिये भी बहुत कुछ ‘खास’ उनके पिटारे में होगा।

यहां केलरगंज स्थित शंकरजी के मंदिर पर आयोजक संस्था ‘बुंदेली संस्कृति एवं लोक कला संबद्र्घन संस्थान’ की आवश्यक बैठक संस्था के उपाध्यक्ष/ प्रबंधक पुरुषोत्तमदास रिछारिया की अध्यक्षता एवं मंत्री नरोत्तमदास स्वर्णकार के संचालन में संपन्न हुई जिसमें सम्मेलन की तैयारियों पर चर्चा हुई। बैठक में संस्था के अध्यक्ष रमेश तिवारी के निर्देशन में जिम्मेदारियां बांट दी गई हैं। अभिषेक रिछारिया, अतुल शर्मा, संजय सोनी, सुशील दूरवार मिरकू, डॉ. मृदुल दांतरे, वीरेन्द्र त्रिपाठी, संजय सिंघाल, राघवेन्द्र शर्मा, सौरभ मिश्रा, करुणानिधि शुक्ला, ऋषि झा, संदीप अग्रवाल, सूर्यदीप सोनी, गौरीशंकर झा, राहुल राठौर, कमलेश निरंजन, दयानिधि शुक्ला, रूपेश सोनी, पवन अग्रवाल, सुमित झा, गगन झा, प्रवीण सिंघल, कृष्णा सोनी, ऋतिक याज्ञिक, जितेन्द्र यादव, अनिल पटेल, दिलीप पटेल, शानू मंसूरी, रामू तिवारी आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे। बैठक के बाद आयोजक संस्था के अध्यक्ष रमेश तिवारी तथा मंत्री नरोत्तमदास स्वर्णकार ने बताया है कि आयोजन को ज्यादा से ज्यादा बुंदेली लुक देने और इसमें प्रयुक्त सामग्री को बुंदेली शैली की लोक बिधाओं, परंपराओं और लोक रीतियों के इर्द गिर्द रखने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है। आयोजन की खास बात यह होगी कि बुंदेली लोक परंपरा के मुताबिक आयोजन के खास आकर्षण मूर्खाधिराज नगर के जानेमाने चिकित्सक डॉ. पीडी चंदेरिया बहैसियत दूल्हा अपनी बारात लेकर निकलेंगे जो बैंडबाजों से लैस होगी और नगर भ्रमण करती हुई आयोजन स्थल केलरगंज दोपहर एक बजे पहुंचेगी। सम्मेलन में न केवल मूर्खाधिराज की पोलें खोली जायेगी बल्कि उनके साथ आने बाले बारातियों की भी ‘कांय’ उतारी जायेंगीं।

 

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