माधौगढ़-उरई । किसान सम्मान निधि योजना के तहत लेखपाल और सचिव की संयुक्त टीम से मांगी गई सूची में किसानों के साथ कर्मचारियों ने खूब लापरवाही की। जल्दबाजी के चक्कर में सत्यापन घर बैठकर ही कर दिया। जिसके चलते गांव में रहने वाले किसानों को भी बाहर दिखाकर खानापूर्ति कर दी। पात्र होते हुए भी ऐसे लोग किसान सम्मान निधि योजना की किस्त में नहीं आ पाए। कुरसेंडा गांव में तैनात लेखपाल राम अवतार और ग्राम सचिव शैलेश स्वर्णकार ने सत्यापन की जो सूची तैयार की उसमें उन किसानों को भी बाहर होना दिखा दिया जो गांव में रह रहे हैं और पात्र हैं। इस बात को लेकर शत्रुघन सिंह सेंगर ने लेखपाल से गलत सत्यापन की बात कही तो उसने गैर जिम्मेदाराना बयान देते हुए कहा 8-8 गांव की सूची को 2 दिन में कैसे सत्यापित करता? इसलिए जिन का सत्यापन नहीं हो पाया उन्हें बाहर दिखा दिया ताकि बाद में उनका सत्यापन कर उन्हें किसान सम्मान निधि योजना की सूची में रखा जा सके।






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