* प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त कार्यवाही में कई जगह हुई छापेमारी

* नमकीन पोला और फ्रूटी-माजा की गाडिय़ां भी पकड़ी गईं

कोंच-उरई । होली के त्योहार पर मिलावटखोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत शनिवार की सुबह लगभग पांच बजे स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों और खाद्य सुरक्षा विभाग ने संयुक्त रूप से बीहड़ इलाकों में कई जगह छापेमारी की जिसमें तकरीबन तीन कुंतल नकली खोवा बरामद किया गया जिसके नमूने भरवा कर उसे नष्टï करा दिया गया है। अधिकारियों ने नदीगांव में पोला नमकीन और कैलिया में माजा-फ्रूटी से लदीं गाडिय़ां भी पकड़ी हैं।

जानकारी के मुताबिक एसडीएम गुलाब सिंह और सीओ शीशराम सिंह की अगुवाई में नदीगांव थाना क्षेत्र के बीहड़ इलाकों में भारी पुलिस फोर्स के साथ छापेमारी की। ये छापे ककरौली, गिदवासा और परासनी आदि गांवों में तथा जंगलों जहां पहले भी नकली खोवा निर्माण करने के लिए भट्ठियां धधकती रहीं हैं, में मारे गए। हालांकि छापों के दौरान ककरौली और गिदवासा में अधिकारियों का प्रयास विफल रहा लेकिन परासनी में उन्हें कामयाबी हाथ लग गई। वहां दिनेश यादव, शैलेन्द्र यादव व बुद्घसिंह के यहां से तकरीबन तीन कुंतल खोवा बरामद किया गया। इसके नकली होने के अंदेशे में खाद्य सुरक्षा अधिकारी राहुल शर्मा ने नमूने भर कर खोवा पहूज में फिंकवा कर नष्टï करा दिया गया है। इस दौरान एसएचओ नदीगांव अशोककुमार वर्मा भी मौजूद रहे। गौरतलब यह भी है कि लंबे समय से इन बीहड़ों में दर्जनों भट्ठियां बारहों महीने धधकती हैं और बड़े पैमाने पर नकली खोवा बना कर स्थानीय बाजार के साथ साथ मंडल मुख्यालय तक इसकी सप्लाई की जाती रही है। कई बार मामले पकड़े भी गए लेकिन ढंग की कार्यवाही नहीं होने के कारण गोरखधंधा करने बालों के हौसले बुलंद हैं और यह धंधा खूब फलफूल रहा है।

अधिकारियों ने नदीगांव पहूज पुल पर पोला नमकीन की गाड़ी बिना कागजों के पकड़ी गई है जबकि कैलिया में माजा-फ्रूटी भरी गाड़ी पकड़ी गई है। दोनों गाडिय़ों पर कार्यवाही की जा रही है।

 

छापों के डर से कोंच के बाजारों में गिरे दुकानों के शटर

त्योहार पर चलाए जा रहे अभियान में लगातार पड़ रहे छापों से मिठाई, कन्फेक्शनरी और किराना मार्केट में भी हड़कंप की स्थिति है। शनिवार को अधिकारियों ने छापा तो नदीगांव इलाके में डाला लेकिन उसका असर कोंच के बाजारों पर साफ दिखाई दिया। यहां अधिकांश ऐसी दुकानों जो खाद्य सुरक्षा विभाग के दायरे में आती हैं, के शटर धड़ाधड़ गिरे और दुकानदार चंपत हो गए। लगभग आधे दिन तक यही स्थिति रहीं। बाद में शाम के समय जरूर इन दुकानों के शटर खुल गए और दुकानदारी चालू हो गई।

Leave a comment

Recent posts