
उरई । समाज में रह रहे सभी लोगों को पर्व-त्यौहार पूरे उल्लास और उमंग से मनाये जाने का अधिकार है. यह हम सभी जागरूक नागरिकों की जिम्मेवारी है कि जो लोग किसी भी तरह से मजबूर हैं, वंचित हैं उनको समाज की मुख्यधारा में शामिल करने हेतु आगे आयें। अनाज बैंक द्वारा सतत इसका प्रयास किया जा रहा है और इसमें वह सफल भी है। इसको आज यहाँ महिलाओं द्वारा बिना किसी भेदभाव के, बिना जाति-धर्म-मजहब का अंतर समझे एक-दूसरे को गुलाल लगाकर हर्षोल्लास प्रकट करते हुए देखा जा सकता है। उक्त विचार मार्च माह के दूसरे वितरण में उपस्थित निशा सिंह द्वारा व्यक्त किये गए।
अनाज बैंक निदेशक डॉ० अमिता सिंह ने अनाज वितरण के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि यह वितरण होली के पावन पर्व को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया गया। इस अवसर पर अनाज बैंक की सदस्य महिलाओं को नियमित रूप से प्रदान किये जा रहे पांच किलो आटा के साथ-साथ एक किलो चावल, एक किलो चीनी, एक किलो मैदा और आधा किलो वनस्पति घी भी प्रदान किया गया है । इसके लिए सभी जमाकर्ता सदस्य साधुवाद के पात्र हैं जिन्होंने इन महिलाओं की ख़ुशी का ख्याल रखते हुए अतिरिक्त खाद्य-सामग्री की व्यवस्था की ।
युवा समाजसेवी गणेश शंकर त्रिपाठी ने कहा कि अनाज बैंक ने सिर्फ भूख मिटाने के लिए ही वरन विभेद मिटाने की दिशा में भी कार्य किया है । बुन्देलखण्ड ज़ोन महाप्रबंधक डॉ० कुमारेन्द्र सिंह सेंगर की पुत्री अक्षयांशी द्वारा उपस्थित लाभार्थी महिलाओं को गुलाल लगाने के बाद महिलाओं द्वारा अपनी आर्थिक, धार्मिक स्थिति भूल कर जिस तरह गुलाल लगाने में उल्लास-उमंग दिखाई दिया वह सराहनीय है । समाज में त्यौहार के नाम पर धार्मिक विभेद फैलाते लोगों को इससे सीख लेने की आवश्यकता है ।
इस वितरण में अक्षयांशी ने जमाकर्ता रूप में अपना खाता भी खुलवाया । वितरण में शाखा प्रबंधक धर्मेन्द्र कुमार, रोहित ठाकुर, कुमारेन्द्र सिंह सेंगर, रागिनी, जीनत, शकीला सहित सुनीता, ऊषा रानी, रामवती, रजनी, रिजवाना, जरीना खातून, हमीदन आदि लाभार्थी महिलाएं उपस्थित रहीं ।







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