लखनऊ। समाजवादी पार्टी ने 40 स्टार प्रचारकों की सूची जारी की है। आश्चर्यजनक रूप से इसमें पार्टी के संरक्षक और संस्थापक मुलायम सिंह यादव का नाम नही है। दूसरी ओर स्वयं चुनाव न लड़ने का फैसला बदलते हुए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अब आजमगढ़ से चुनाव लड़ने की घोषणा की है। इसके अलावा आजम खां भी रामपुर लोकसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतरेगें।
सपा के स्टार प्रचारकों की सूची में अखिलेश यादव के अलावा रामगोपाल यादव, आजम खां, राजेंद्र चौधरी, रामगोविंद चौधरी, अहमद हसन, जावेद अली खां, विशम्भर प्रसाद निषाद, सुरेंद्र नागर, तेज प्रताप यादव, नरेश उत्तम पटेल, डा. मौलाना यासीन अली उस्मानी, मनोज पारस, महबूब अली, शाहिद मंजूर, कमाल अख्तर, दयाराम प्रजापति, सरफराज खान, संजय गर्ग, कंवर हसन, किरन पाल कश्यप, परवेज अली, संजय लाठर, जितेंद्र यादव, राजेश यादव, आशू मलिक, राजपाल कश्यप, उमर अली खां, रमेश प्रजापति, जयवीर सिंह, गुलाम मोहम्मद, अशोक चौधरी, जगपाल दास गुर्जर, रुद्रसेन, सुधीर पमार, सर्वेश कठेरिया, आकिल मुर्तजा और जया बच्चन के अलावा डिम्पल यादव को भी शामिल किया गया है।
मुलायम सिंह को स्टार प्रचारक बनाने से परहेज क्यों किया गया इसके पीछे कई किस्से सुनाये जा रहे हैं। बताया जाता है कि रामगोपाल यादव को डर था कि मुलायम सिंह उनके पुत्र अक्षय के संसदीय क्षेत्र फिरोजाबाद में शिवपाल यादव के लिए जनसभा को संबोधित कर सकते हैं। इसलिए उन्होंने अखिलेश पर अपने पिता को प्रचार से दूर कर देने की दबावपूर्ण सलाह दी।
मायावती ने भी मुलायम सिंह यादव को लेकर शंका जाहिर की थी। मायावती अखिलेश यादव के साथ मैनपुरी में मुलायम सिंह के लिए सभा को संबोधित करने की हां भर चुकी थीं फिर भी मुलायम सिंह को उनका साथ गंवारा नही हो रहा था। मायावती को खतरा था कि अगर उन्हें सभाओं में जाने का मौका मिला तो वे बसपा के लिए ऐसा कुछ कह सकते हैं जिससे गठबंधन के उददेश्य को ही पलीता लग जाये।
खुद अखिलेश यादव भी अपने पिता के रवैये को लेकर कम सशंकित नही हैं। कई बार उन्होंने अपने पिता की जुबान को फिरते देखा है जिससे उनको लेने के देने पड़ गये। अखिलेश यादव को चुनाव में भी इस सिलसिले के चलते अपनी भद पिटने का डर सता रहा था जिसकी वजह से उन्होंने पिता का नाम स्टार प्रचारकों की सूची से गायब ही कर दिया।







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