कालपी। गत दिनों झारखंड में हुई तबरेज अंसारी की मौत से नगर व क्षेत्र के मुस्लिम खफा हैं। शुक्रवार को इसके विरोध स्वरूप मुस्लिम विद्वानों के नेतृत्व में एकजुट हुए मुसलमानों ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
विदित हो कि झारखंड में भीड़ द्वारा किसी मामले को लेकर तबरेज अंसारी की पीट पीट कर हत्या कर दी गई थी। घटना को लेकर चर्चा है कि जय श्रीराम के नारे न लगाने पर भगवाधारियों ने उसकी हत्या कर दी। उस घटना को लेकर मुस्लिम समाज के विभिन्न संगठनों के लोग विरोध जता रहे हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को शहर ए काजी मौलाना मुफ्ती असफाक अहमद के नेतृत्व में एकजुट हुए मुस्लिम विद्वानों व जनता ने तहसील परिसर में नारेबाजी तथा विरोध प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति को संम्बोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी सुनील कुमार शुक्ला को सौंपा। इस दौरान मौलाना मुफ्ती अशफाक अहमद ने कहा कि भीड़ तंत्र के द्वारा बेगुनाह की हत्या की घटनाओं से नगर व क्षेत्र के मुसलमानों एवं अमन पसंदों में गम व गुस्सा है। जबरन धार्मिक नारे लगवाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। भारतीय संविधान में सभी को धार्मिक स्वतंत्रता है। किसी को धार्मिक क्रियाकलापों को जबरन मजबूर नहीं किया जा सकता है। इससे धर्म निरपेक्ष छवि को धक्का पहुंच रहा है। ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रुप से सैय्यद गयासुद्दीन मियां, हाफिज इरशाद अशर्फी, मुफ्ती मुईनुद्दीन, मुफ्ती अहमद रजा, मुफ्ती तारिक, मौलाना जाहिद अली, मौलाना जियाउद्दीन, मौलाना इमरान, मौलाना रिजवान, हाफिज दाबर खां, हाफिज नौशाद, कारी अब्दुल रहूफ, मुजीब अल्लामा, कारी अमानत अली, हुसैन वेग, इरफान शेख, इरफान अंसारी, एनुल मंसूरी, हाजी एहसान अंसारी सहित भारी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग मौजूद रहे।







Leave a comment