
उरई। सरकार की सारी कड़ाई केवल आम लोगों के लिए ही है जबकि उसके कारिंदे इस महा विपत्ति में खुली लूट करने में जुट गये हैं जिन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। सबसे ज्यादा लूट रोडवेज ने मचा रखी है। जगह-जगह से खबरें मिल रही हैं कि पैदल घर लौट रहे जिन मजदूरों को मुफ्त में यात्रा के लिए रोडवेज बसों पर पुलिस द्वारा बिठाया जा रहा है उनसे रास्ते में मनमाना किराया मांगा जाता है और न देने पर बस से नीचे धकेल दिया जाता है। जालौन टाइम्स से आज कई भुक्त भोगियों ने इस तरह से अपनी आप बीती बयान की।
इलाहाबाद से नदीगांव लौट रहे मजदूरों को पुलिस ने रोडवेज का बदोबस्त करा दिया था। मजदूरों ने बताया कि रास्ते में उनसे इलाहाबाद से कानपुर तक का प्रति व्यक्ति 750 रूपये वसूला गया। इसके बाद कानपुर से कालपी तक 200 रूपये प्रति व्यक्ति और लिये गये। बाद में कालपी से इनके पास कोई साधन नहीं था जिसकी वजह से इन्हें नदीगांव तक पैदल कूंच का निर्णय लेना पड़ा।
उधर उरई से छोटी-छोटी दूरी तक सवारियां ढ़ोने के लिए पुलिस की मिली भगत से टेम्पो चलवाये जा रहे हैं। टेम्पो चालक भी सवारियों का इसी तरह बेरहम शोषण करने में लगे हैं। उधर मैकेनिक नगर में साहू किराना स्टोर सहित कई दुकानदार ग्राहकों से निर्धारित की गई दर से काफी ज्यादा कीमत आटा, तेल आदि की बिक्री में ले रहे हैं जबकि अधिकारियों का अता पता नहीं था।







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