जगम्मनपुर-उरई। रियासत की राजधानी रहे इस वैभवशाली नगर को अब गांव के दर्जे पर तसल्ली करनी पड़ रही है। फिर भी इसकी 15 हजार के लगभग की आबादी तमाम कस्बा का दर्जा प्राप्त जगहों से ज्यादा है। इसलिए प्रधान की चुनौतियां और जिम्मेदारियां भी गम्भीर हैं। आपदा के इस दौर में यहां के युवा प्रधान राहुल मिश्रा गांव के बांशिदों का मनोबल बनाये रखने और उनके राहत के लिए जो कदम उठा रहे हैं उससे उनकी नेतृत्व क्षमता और कर्तव्यनिष्ठा का पता चलता है।
भुखमरी के हालात झेल रहे गांव के दर्जनों परिवारों के लिए एक सप्ताह की आटा, नून, तेल सहित सारी सामग्री व साबुन आदि की व्यवस्था उन्होंने अपने खर्चे पर की। अपने खर्चे पर ही एक हजार लोगों को मास्क वितरण कराया। सभी बांशिदों को निरंतर आगाह करके वे लाॅकडाउन का पालन करा रहे हैं। भाजपा के मंडल महामंत्री विजय द्विवेदी, शेष नारायण त्रिपाठी व पंचायत मित्र बृजेश भी इस काम में उनका पूरा साथ दे रहे हैं।
ग्रामीणों के साथ-साथ तहसील क्षेत्र के प्रमुख प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों, विकास खंड के अमले व अन्य लोगों को भी उन्होंने खरीदकर निशुल्क मास्क उपलब्ध कराये।

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