गैर प्रांतों से आने वाली मजदूरों का सीधा घर पहुंचना न बन जाए मुसीबत
एट। इन दिनों पूरा देश कोरोना वायरस कोविड 19 के प्रकोप से जंग लग रहा है। प्रशासन इस वायरस से बचाव के लिए जहां पूरे जिले में लाक डाउन का पालन करा रहा है। वहीं जिला प्रशासन अपने अधीनस्थों को आदेश देकर बाहर से आने वाली मजदूरों को चौदह दिन तक गांव से बाहर कैंपों या सचिवालय तथा विद्यालयों में आइसोलेट करने के निर्देश गांव स्तर पर प्रधान तथा पंचायत सचिवों को जिम्मेदारी दी गई है लेकिन सचिव अपने कार्यालय को बंद करके कई दिनों से नदारद हैं। वहीं स्कूलों में भी ताले लगे हुए देखे जा रहे हैं। आने वाले मजदूर अपने अपने घरों पर परिवार के साथ बिना चेकअप किए रह रहे हैं।
कस्बा एट में बने पंचायत सचिवालय पर सचिव की लापरवाही से ताले लटकते नजर आ रहे हैं। वहीं जिम्मेदार अपने घर पर आराम फरमा रहे हैं। दूसरी ओर गैर प्रांतों से आए मजदूरों का सीधा अपने अपने घर पहुंचकर सभी से घुलना मिलना कहीं कस्बे में बड़ा संकट खड़ा न कर दे। जिला प्रशासन के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं जबकि जिला प्रशासन के सख्त आदेश है कि बाहर से आने वाले मजदूरों को चेकअप करने के बाद चौदह दिन तक विद्यालय या सचिवालय में क्वारंटाइन कर उनको कड़ी निगरानी में रखा जाए तथा उनकी खानपान सहित सारी व्यवस्था की जाए लेकिन ग्राम पंचायत पर तैनात सचिव अपने कार्यालय में ताला लटका कर क्षेत्र से नदारद दिखाई दे रहे हैं। जिम्मेदारों का यह गैरजिम्मेदाराना रवैया कस्बावासियों के लिए खतरा न बन जाए

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