
बेवजह घूमना पड़ा महंगा, उठक बैठक भी करवाई गई
उरई। पूरे देश में लाक डाउन है जिसका कई नगरों में तो कड़ाई से पालन किया जा रहा है तो कहीं पर पूरी तरह से धज्जियां उड़ाई जा रही हैं जिसको लेकर सोशल मीडिया पर भी उरई पुलिस की जमकर खिंचाई की जा रही है। हालांकि जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक लगातार लोगों से घर से न निकलने की अपील कर रहे हैं लेकिन लोग मानने को तैयार नहीं हैं। आज पुलिस कप्तान ने उरई पुलिस को रडार पर लिया तो कोतवाली पुलिस तुरंत हरकत में आई और जो लोग सडक़ों पर बेवजह घूम रहे थे उनको दंड स्वरूप मेढक़ बनकर चलने और कान पकडक़र उठक बैठक करने की सजा दी।
उरई नगर में लाक डाउन एक तरह से मजाक बना हुआ है। लोग सुबह से ही घर से बाहर निकलकर सडक़ों पर घूमते नजर आते हैं। बाइकों और चारपहिया वाहन तो उरई की सडक़ों और गलियों में ऐसे दौड़ते हैं जैसे यहां लाक डाउन हो ही न। लोग सब्जी का थैला, दवाई का पर्चा या फिर मौज मस्ती के लिए बनवाए गए पास सहित कई बहाने लेकर मुख्य मार्गों पर ऐसे निकलते हैं जैसे इन्हें न ही पुलिस का खौफ है और न ही प्रशासनिक कार्रवाई का। जिलाधिकारी डा. मन्नान अख्तर और पुलिस अधीक्षक डा. सतीश कुमार लगातार लोगों से अपील भी कर रहे हैं कि कोरोना से बचने का एक ही उपाय है कि आप लोग घर पर रहें और बेवजह घरों से न निकलें लेकिन आलाधिकारियों की अपील कुछ लोगों को रास नहीं आ रही है और लगातार लाक डाउन का उल्लंघन करते नजर आ रहे हैं। जनता के इस रवैए से आहत होकर पुलिस अधीक्षक ने कोतवाली पुलिस को सख्त हिदायत दी कि जो भी लोग बेवजह घूम रहे हैं उन पर कड़ी कार्रवाई की जाए। कप्तान की चेतावनी के बाद उरई पुलिस की नींद खुली और फालतू में घूम रहे लोगों पर कार्रवाई का डंडा चलाया। हालांकि पुलिस ने अपने अलग ही तरीके से लोगों को दंडित किया। शहीद भगत सिंह चौराहे पर कोतवाल ने लाक डाउन का उल्लंघन कर रहे लोगों को पकडक़र उनसे उठा बैठक लगवाई तो वहीं कोबरा पुलिस ने फालतू घूम रहे लोगों से मेढक़ की तरह उछलकूद करवाई जो कि चर्चाओं का विषय बन गई।





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