
कालपी। कालपी कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला हरीगंज निवासी बीस वर्षीय युवक द्वारा यमुना नदी में लगाई गई छलांग के चौबीस घंटे बीत जाने के बाद भी गोताखोरों की मदद से उसे खोजने में कोई सफलता हाथ नहीं लग सकी। कोतवाली पुलिस व परिजन गोताखोरों की मदद से युवक को खोज निकालने का प्रयास जारी था।
पीडि़त पिता अजय बाल्मीकि पुत्र विजय चंद्र निवासी हरीगंज कालपी ने बताया कि वह रामचबूतरा में गुड्डन तिवारी की कागज फैक्ट्री में काम करता है तथा उसका लडक़ा पवन भी उसके साथ काम करता था। रोज की तरह सोमवार को वह व उसका लडक़ा फैक्ट्री गया था तथा दस बजे घर वापस आ गया था। दोपहर ग्यारह बजे पवन घर से कहीं निकल गया। कुछ देर बाद परिवार के लोगों ने खोजबीन की तथा आसपड़ोस में जानकारी प्राप्त की तो पता चला कि एक लडक़े ने यमुना नदी में छलांग लगाई है। परिवारजनों ने यमुना नदी के किनारे बाई जी घाट पहुंचकर वहां मौजूद लोगों से जानकारी प्राप्त की तो वहां मौजूद लोगों ने परिवारीजनों को बताया कि लाल चप्पल, चेकदार शर्ट व लोवर पहने एक युवक ने कुछ देर पहले छलांग लगाई है। जानकारी लगते ही हरीगंज मोहल्ले में जमघट शुरू हो गया।उसी दौरान चौकी इंचार्ज सुनील कुमार सैनी को जानकारी लगी तथा घटना स्थल का निरीक्षण करने के बाद पुलिस उपाधीक्षक राहुल पांडेय व कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मानिकचंद पटेल के निर्देश पर पडो़सी जनपद कानपुर देहात के डिलौलियां बांगर से लाली निषाद गोताखोर को लाया गया लेकिन रात होने के कारण सुबह से तीन गोताखोर नाव के द्वारा यमुना नदी में युवक के भीतर कूदकर शव को खोजते रहे लेकिन चौबीस घंटे से अधिक का समय बीत चुका था लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। पुलिस व परिवारीजन पूरे दिन यमुना नदी के किनारे डटे रहे। इस हृदय विदारक घटना से पूरा मोहल्ला गमगीन है।





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