
उरई। परदेश में भी अपने शहर के लोगों की चिंता से दूर नहीं हो पा रहे। ऐसा ही हाल है इमारती लकड़ी के व्यापारी और वरिष्ठ पत्रकार नीरज बंसल का।
नीरज बंसल इन दिनों अपने पुत्र के पास आस्टेªलिया में हैं। वहां वे कोरोना के कारण देश के साथ-साथ अपने शहर में मचे हा-हाकार का जायजा रोजाना खबरे पढ़कर लेते रहते हैं।
नीरज बंसल को सबसे ज्यादा फिक्र गरीबों की है जो रोज कमाकर रोज खाते हैं। उनकी अपनी टिम्बर की दुकान पर ऐसे मजदूरों से उनका हमेशा गहरा रिश्ता बना रहा है। आज लाॅकडाउन के कारण उनकी स्थिति का अनुमान करके नीरज बंसल विव्हल हैं।
नीरज बंसल ने इसे देखते हुए उनकी मदद के लिए लगी होड़ में खुद को भी हिस्सेदार बनाकर शुक्रवार को ईदगाह के पीछे रामनगर में अपने प्रतिनिधि राजेन्द्र अहिरवार के माध्यम से कई घरों में खाने के पैकेट पहुंचवाए।






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