चेचक से पीडि़त युवक को उपचार के लिए भिजवाया
कदौरा। वैश्विक कोरोना महामारी का प्रकोप पूरी दुनिया में है। कहीं कम तो कहीं ज्यादा जिसके लिए भारत देश में सरकार, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस सभी तंत्र से मिलकर बचाव का प्रयास कर रहे हैं एवं लाक डाउन के जरिए सोशल डिस्टेंस बचाव का सबसे बड़ा तरीका है लेकिन कुछ अनभिज्ञ लोग भीड़ लगाकर खुद ही नहीं बल्कि समाज के लिए खतरा साबित हो रहे हैं। वहीं नगर व ग्रामीणांचल में कोरोना जैसे लक्षण के तीन संदिग्ध मरीजों को प्रधान व पुलिस द्वारा जिला अस्पताल जांच के लिए भिजवाया गया जो कि परदेश से लौटने के बाद कई दिनों से अपने घरों में रह रहे थे। वहीं उक्त मरीजों के साथ परिजनों ने जाने से इनकार कर दिया।
गौरतलब हो कि कदौरा क्षेत्र के ग्राम उदनपुर से सत्रह वर्षीय किशोर को संदिग्ध लक्षण होने पर शुक्रवार को एंबुलेंस से जिला अस्पताल जांच के लिए भेजा गया। मामले में प्रधान विनोद कुमार द्वारा बताया गया कि उक्त किशोर 28 मार्च को दिल्ली से लौटा था व अपने घर में ही रह रहा था। जुकाम, बुखार होने पर उसके द्वारा कई बार कदौरा स्वास्थ्य केंद्र में उपचार भी करवाया गया आराम न मिलने पर अधिक दिक्कत होने पर शुक्रवार को पुन: सीएचसी कदौरा गया व वहां जिम्मेदारों द्वारा उसे खुद उरई जाकर जांच करवाने के लिए कहा गया तब प्रधान व सीएचसी बीसीपीएम गोविंद द्वारा एंबुलेंस से किशोर को जिला अस्तपाल भिजवाया गया जहां डाक्टर द्वारा किशोर का सैंपल लेकर जांच के लिए लखनऊ भेजा गया व दवा देकर किशोर को वापस भेज दिया जहां प्रधान द्वारा उक्त किशोर को गांव से बाहर क्वारंटीन सेंटर में रखा गया है। वहीं कदौरा नगर में शुक्रवार की रात सात दिन पूर्व महाराष्ट्र से लौटकर घर कदौरा में रह रहे युवक इरशाद अली को चेचक बीमारी हालत में सुधार न होने पर सूचना मिलते ही पहुंचे उपनिरीक्षक आलोक पाल द्वारा बीमार को जिला अस्पताल जांच उपचार के लिए भिजवाया गया जिसके साथ परिजनों ने जाने से इनकार कर दिया। वहीं नगर से बीसीपीएम गोविंद कुमार द्वारा बताया गया कि कोरोना जैसे लक्षणों से संबंधित क्षेत्र से आशा बहू व अन्य आधा दर्जन लोगों को जांच के लिए जिला अस्पताल भिजवाया जा चुका है। वहीं नगर बाजार व गांवों में कुछ अनभिज्ञ लोग लाक डाउन का उल्लंघन कर भीड़ लगाए देखे जाते हैं जो खुद के लिए तो मुसीबत बन ही रहे हैं व समाज को भी खतरे में डालने का कार्य कर रहे हैं।

Leave a comment