आगरा। पुलिस की संवेदनशीलता ने लाॅकडाउन के कष्ट भरे दिनों को हमेशा याद की जाने वाली सुखद स्मृति में बदल दिया।
हुआ यूं कि लोहामंडी थाने के प्रभारी निरीक्षक नरेन्द्र कुमार शर्मा को गश्त के दौरान नो पार्किंग जोन में खड़े आटो रिक्शा व ई रिक्शा दिखे जिससे उनका पारा चढ़ गया। उन्होंने सारे वाहन जब्त कर थाने पहुंचा दिये।
गश्त के बाद जब वे थाने लौटे तो एक रूआसी बच्ची उन्हें अपने इंतजार में मिली। खौफ दिखाने के बजाय बच्ची का चेहरा देखकर इंस्पेक्टर साहब ने कोमलता से उससे पूछा कि बेटी क्या बात है। उसने बताया कि आज उसका जन्म दिन है लेकिन आज ही उसके पापा का रिक्शा पकड़ लिया गया है। उसकी उदासी देखकर पसीजे इंस्पेक्टर साहब ने पहले उसका नाम पूंछा। उसने बताया कि वह शीतल है और आठवी क्लास में पढ़ती है। इंस्पेक्टर का रहम देखकर बच्ची की हिम्मत खुल गई। बोली कि हम लोग बहुत गरीब हैं। पापा पर बहुत कर्ज है। मै उनसे मना कर दूंगी जिससे वे आगे कोई गलती नहीं करेंगे। आज उन्हें छोड़ दो।
बच्ची के कहने का ढंग ऐसा था कि इंस्पेक्टर साहब की आंखे गीली हो गई। वे बोले कि परेशान मत हो पानी पी लो। यही नहीं इंस्पेक्टर ने मिठाई और चाॅकलेट मंगवाकर पूरे स्टाफ के साथ बच्ची का जन्म दिन मनाया। भावुक होकर बच्ची रो उठी तो वहां खड़े उसके पिता की आंखों से भी आंसू निकल आये। बाद में आइंदा गलती न करने की हिदायत देते हुए इंस्पेक्टर ने कागज और रिक्शा पिता के सुपुर्द कर दिया। जिस पर बैठकर बच्ची पूरे परिवार के साथ हंसी खुशी अपने घर लौट गई।

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