
पर धन्य है वो सुरक्षाकर्मी जो सड़कों पर चलते थे।
अभिवादन है उनको जो सुरक्षा हमको देते है,
क्या कहना उन दरिंदो का जो इनसे ही भिड़ लेते है।
जो रक्षा इनकी करते है ,
ये हमला उन पर करते है।
देश हित की बातो में ,
ये मौन हमेशा रहते है।
देश विरोधी गतिविधियों में,
ये अक्सर शामिल होते है।
देश विरोधी नारों से,
ये आजादी की मांगे करते है।
ये नमक देश का खाते है,
ये गीत कहीं के गाते है।
अभिव्यक्तितीं की आजादी में,
ये कुछ भी बोला करते है।
जो मदद इनकी करते है,
ये उन पर थूका करते है।
अपराधी है ये हत्यारे,
जो मानवता की हत्या करते है।
देश पर उंगली उठाने वालो को ये अधिकार नहीं है।
चाहे किसी भी धर्म का हो ये हमको स्वीकार नहीं है।
-Rishi Mishra






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