उरई। सुप्रसिद्ध ज्योतिषी पंडित संजीव थापक ने एक बार फिर ज्योतिष शास्त्र का लोहा मनवाया है। जालौन टाइम्स में 25 मार्च को कोरोना को लेकर उनके ज्योतिष आंकलन को वायरल किया गया था। उस समय कोई नहीं सोच रहा था कि 14 अप्रैल के बाद लाॅक डाउन को बढाने की नौबत बनी रहेगी। लेकिन पंण्डित संजीव थापक की भविष्यवाणी थी कि लोगों को 4 मई तक बराबर कष्ट झेलना पडेगा। आज प्रधानमंत्री द्धारा लाॅक डाउन 3 मई तक बढाने से काफी हद तक उनका अनुमान साबित हो गया है। अगर थापक के ज्योतिष पर विश्वास करें तो 4 मई को भी कोरोना पूरी तरह नहीं टल पायेगा। उनकी गणना के मुताबिक 21 जून तक इससे जुडे ग्रह अपना बुरा असर दिखाते रहेंगे।
क्यों महामारी का कहर टूटा
पंण्डित संजीव थापक ज्योतिष शास्त्र के सूत्रों का हवाला देते हुए विपत्ति आने का तार्किक आधार सिद्ध करते है। इसके अनुसार जब पृथ्वी पर ग्रहण के समय एक ही स्थान में पांच या इससे अधिक ग्रह हो जिनमें शनि साथ में हो तो यह स्थिति वायरस की उत्पत्ति का कारण बनती है। 26 दिसम्बर 2019 को हुए सूर्य ग्रहण के समय 6 ग्रह इकट्ठे हो गये थे। इसके बाद 15 दिन में ही दूसरी बार 10 जनवरी को ग्रहण पड गया। पखवाडें के अन्दर 2 बार ग्रहण पडने से प्रकृति डावाडोल होती है भूकम्प आते है और पशु पक्षी तक संक्रमण के शिकार होने लगते है। कोरोना ग्रहों के इसी संयोग की देन है।
भारत की ग्रहदशा
जहां तक भारत की बात है हमारे देश की राशि धनु है। जिसका स्वामी गुरू है 29 मार्च को जब नीच राशि मकर में शनि और मंगल एक साथ आ गये और इसी दौरान गुरू भी मकर राशि में आ गया तो ज्योतिष शास्त्र में लिखा है कि इस संयोग से बडा हाहाकार मचता है। यह संयोग चार मई तक बरकरार रहेगा इसलिए 29 मार्च से 04 मई तक कोरोना को लेकर भारत में स्थिति भीषण रहने की भविष्यवाणी उन्होंने की।
अनिष्ट पूरी तरह 21 जून को टल पायेगा
पंण्डित संजीव थापक के मुताबिक 04 मई के बाद कोरोना से राहत भले ही शुरू हो जाये लेकिन इस अनिष्ठ के समाप्त होने के लिए लोगों को 21 जून तक प्रतिक्षा करनी पडेगी। इस दिन पूर्ण सूर्य ग्रहण पडेगा जो प्रातः 10 बजकर 20 मिनट पर प्रारम्भ होगा और 12 बजे पूर्ण अंधेरा हो जायेगा । इस दौरान एक काली पट्टी तेजी से दौडती दिखाई देगी। ग्रहण को चमोली, देहरादून, जोशीमठ, सूरतगढ और सिरसा में देखा जा सकेगा। इसके बाद ही कोरोना के खत्म होने की आशा की जा सकती है।






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