उरई। सदर विधायक ने कामगारों को श्रम विभाग की योजनाओं का लाभ दिलाने का बीडा उठाया है। इसके लिए उनका पंजीकरण शुल्क भी विधायक अपनी जेब से जमा कर रहे है।
मिस्त्रियों, कारीगरों और मजदूरों की चालीस श्रेणियां श्रम विभाग में तय की गयी है। असंगठित क्षेत्र में वर्करों की तादाद सबसे ज्यादा है। जो अभी तक सामाजिक सुरक्षा की योजनाओं में कवर नहीं थे। श्रम विभाग ने चालीस श्रेणियां बनाकर लगभग सभी असंगठित वर्करों को अपने सरक्षण के दायरे में ले लिया है। अगर इनका पंजीकरण हो जाता है तो इन्हें इलाज, अंतिम संस्कार, गृहगिरी आदि कार्यों के लिए सरकारी सहायता अनुमन्य है।
अभी तक जागरूकता के अभाव में ज्यादातर असंगठित कामगार इसका लाभ नहीं ले पा रहे है। नियोक्ता को इसमें अपने लिए आशंका सुझती है। इसलिए वे कामगार का पंजीकरण कराने का जोखिम मोल नहीं लेते है। जनप्रतिनिधि भी इस ओर उदासीन थे। अब सदर विधायक गौरी शंकर वर्मा ने इन गरीबों को सुविधायें दिलाने की जिम्मेदारी अपने ऊपर ली है।
हाल के कुछ ही दिनों में असंगठित कामगारों को उन्होंने अपने आवास पर बुलाना शुरू किया। वे आंगतुक कामगार का चाय पानी पिलाकर स्वागत करते है और इसके बाद श्रम विभाग में पंजीकरण के लिए उसका फार्म भरवाते है। अभी तक उन्होंने 215 कामगारों के फार्म भरवायें है। इतना ही नहीं इनकी तीन वर्ष की पंजीकरण फीस भी वे खुद ही श्रम विभाग मंे भेज रहे है ताकि रजिस्र्टड श्रमिक बनकर कामगार सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ हासिल कर सके।

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