कालपी। गैर प्रांतों पैदल चलकर कालपी पहुंच रहे परदेशियों का क्वारंटीन हब कालपी बनाए जाने पर स्थानीय जिम्मेदार लोगों ने इस निर्णय की कड़ी आलोचना करते हुए मांग की कि प्रशासन बाहर से आ रहे लोगों को जनपद की सीमा पर रोके या फिर उनके घरों तक पहुंचाया जाए तथा वहीं क्वारंटीन किया जाए।
गैर प्रांतों में रहकर भरण पोषण कर रहे मजदूरों के लिए लाक डाउन के चलते बुरे दिन देखने को मिल रहे हैं। एक ओर शासन सरकारी बसें लगाकर अपने निजी खर्चे पर उन्हें उनके घरों तक पहुंचा जा रहा है वहीं दूसरी ओर पैदल व वाहनों से कालपी पहुंच रहे गैर प्रांतों के लोगों को कालपी प्रशासन ने रोक दिया है जिससे परदेशी लोगों का बड़ा क्वारंटीन हब कालपी बनने से लोग परेशान हैं। बहुजन समाज पार्टी के वरिष्ठ नेता जगजीवन अहिरवार ने शासन से मांग की कि जिस प्रकार से गैर प्रांतों से लोग यहां आ रहे हैं तथा प्रशासन द्वारा उन्हें यहां रोका जा रहा है उससे महामारी फैलने की आशंका है। इन्हें इनके गृह जनपदों तक पहुंचाने की व्यवस्था सरकार करे। वहीं व्यापार मंडल अध्यक्ष दिनेश चौधरी ने कहा कि जिस प्रकार से गैर प्रांतों के लोगों को यहां क्वारंटीन किया गया है शासन इन्हें यहां से शिफ्ट कर इनके गृह जनपद तक पहुंचाने की व्यवस्था करे नहीं तो शहर में महामारी फैल सकती है। समाजवादी पार्टी के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष शिवबालक सिंह यादव ने मांग की कि इन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाये। गल्ला व्यापार मंडल अध्यक्ष गौतम सिंह यादव का कहना है कि प्रशासन का कालपी में तीन दिन से रोके जा रहे गैर प्रांतों के लोगों को रोकने का निर्णय अनुचित है। सर्राफा व्यापार मंडल के अरविंद सोनी व अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के नगर अध्यक्ष राजू पाठक ने भी प्रशासन के निर्णय को पुनर्विचार कर क्वारंटीन लोगों को उनके गृह जनपदों में भेजने की बात कही।

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