उरई। लाॅक डाउन के कारण सब्जी उत्पादकों को घाटा झेलना पड रहा है। खपत न हो पाने की वजह से बाजार में सब्जियों की भरमार हो गयी है। जिससे दाम नीचे चले गये है।
लाॅक डाउन के पहलेे सब्जियों के भाव आसमान पर पहुच गये थे। खासतौर से प्याज तो 60 रूपये किलो में मिल रहा था। जिसकी कीमत अब फुटकर में 20 रूपये और थोक में 08 से 10 रूपये ही रह गयी है।
लाॅक डाउन शादियोें के सीजन में लागू किया गया है। इस दौरान विवाह समारोहों में कुन्टलों सब्जी खप जाती थी लेकिन सारे विवाह समारोह गेस्ट हाउस बुक करा लिये जाने के बाबजूद लोगो ने स्थगित कर डाले है। जिससे सब्जियों की खपत का बहुत बडा जरिया खत्म हो गया है।
ऐसी हालत में आम ग्रहस्थ तो प्रसन्न है लेकिन सब्जी उत्पादको में मायूसी छायी हुयी है। उनका कहना है कि हाल के वर्षो में सब्जी की खेती का रकबा काफी बढा था क्योंकि सब्जियों की बिक्री में अच्छे दाम मिल जाते थे। लेकिन कोरोना ने हमारे अच्छे दिन पलट दिये। लागत तक बसूलना मुश्किल हो रही हैै जबकि अन्ना पशुओं से सब्जी की खेती बचाने के लिए रात-दिन जागना और पसीना बहाना पडता है।






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