उरई. कदौरा क्षेत्र में लॉक डॉउन में ओवर लोडिंग व अवैध बालू खनन का धंधा खूब जोरो से फल फूल रहा है. कदौरा का लाल सोना यंहा से जितनी दूर जाता है उतनी ही उसकी अधिक कीमत मिलती है.
कदौरा मौरम खदान चालू हुए अभी कुछ ही दिन हुए है और यंहा पर भेंडी खुर्द  खंण्ड संख्या 2 और भेंडी खुर्द खंण्ड संख्या 4 और क्योंटरा  खंण्ड संख्या 2 चालू है जबकि पथरेहठा खदान को सरेंडर कर दिया गया है.  इसी प्रकार हिमानपुरा और बसरेही खदान भी बंद है लेकिन फिर भी इन खदानों से चोरी छुपे बगैर एम एम 11 के मौरम  निकाली  जा रही है.
 खनन की इन साइटों पर बेहद मारामारी है लेकिन तो भी शारीरिक दूरी के मानकों का पालन नहीं कराया जा रहा है.  सो यंहा के ग्रामीण बहुत ही भयभीत है. उनको यह लगता है कि दूर दराज से आने वाले ड्राइवर और कंडक्टर कंही   संक्रमित न हों.  इसके लिए भेंडी के ग्रामीणों ने कुछ दिनों पहले रोड पर जाम  की कोशिश भी की थी जिसकी सूचना थाना पुलिस को हो गई और थाना पुलिस के काफी मान मनौव्वल के बाद ग्रामीण माने थे. अब फिर वही ढाक के तीन पात  वाला हाल हो गया है. इधर थाना पुलिस के सहयोग से खदानों में लगे धर्म कांटो का भी कोई अस्तित्व नही रह गया है क्योंकि शाम ढलते ही ओवर लोड ट्रक निकलना शुरू हो जाते है जिनसे थाना पुलिस लॉक डॉउन का बहाना करके अच्छी खासी रकम बसूलती है जिसका बाद में थाने में बटवारा होता है इस समय जिम्मेदार भी कोविड19 का बहाना करके अपना पल्ला झाड़ लेते है. हजारो ट्रको की आवाजाही प्रति दिन होती है जिसके ड्राइवर कंडक्टर गांवो में टहलते नजर आते है जिसको लेकर ग्रामीणों में रोष व्याप्त है. ग्रामीण सोनिल सिंह, रज्जु सिंह, राघवेंद्र, रमन, राजा सिंह आदि ने बताया कि एक तरह से अंदेशे जैसा माहौल है. आये दिन रोड पर जाम की समस्या अलग रहती है लेकिन अधिकारियो के कानों पर जूं तक नही रेंग रही  है.
जिला खनिज अधिकारी रंजीत निर्मल का कहना है कि सरकारी दिशा निर्देशों का पालन करवाना पुलिस का काम है. ओवर लोडिंग को रोकना भी पुलिस प्रशासन का कार्य है. हा खनन चालू है और सभी प्रकार के सरकारी दिशा निर्देश पट्टा धरको को बताए जा चुके है.

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