
उरई। तालाबंदी में मजदूरों की मुसीबत कम होती नहीं दिखाई दे रही है क्योंकि सरकारें ढोल पीट रही हैं कि मजदूरों का किराया सरकार वहन करेगी। वहीं अहमदाबाद से उरई श्रमिक एक्सप्रेस से आए मजदूरों से रेलवे ने 525 रुपए प्रति व्यक्ति किराया वसूला जिसका टिकट उक्त मजदूरों के पास है।
जिला मुख्यालय उरई में श्रमिक एक्सप्रेस से लगातार मजदूरों का आना हो रहा है। मंगलवार को सुबह साढ़े दस बजे अहमदाबाद से उरई आई श्रमिक एक्सप्रेस से लगभग 1300 मजदूरों को लाया गया। मजदूरों ने अपनी आपबीती सुनाई तो रोंगटे खड़े हो गए क्योंकि मजदूरों को चौबीस घंटे की यात्रा में खाना, पीना कुछ उपलब्ध नहीं हुआ। वहीं जब पत्रकारों ने मजदूरों से पूछा कि आपका किराया तो नहीं लगा होगा तो उनके आंसू छलक आए। उन्होंने रुंधी आवाज में कहा कि प्रत्येक व्यक्ति से 525 रुपए किराया वसूल किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि टिकट लेने के उपरांत ही हम लोगों को ट्रेन में बैठने की अनुमति अहमदाबाद रेलवे प्रशासन ने दी। वहीं दूसरी ओर जिले में जो मजदूर आए उनको गंतव्य तक पहुंचाने की जिम्मेदारी थी। प्रदेश सरकार ने सभी मजदूरों को उनके गृह जनपद पहुंचाने के लिए बसों का बंदोबस्त किया था। जिले के अलावा गोंडा, बस्ती, आजमगढ़, सहारनपुर, उन्नाव, बलिया, चंपारण आदि जिले के मजदूर थे जिनको तीन दर्जन बसों से उनके गृह जनपद रवाना किया गया। वहीं नोडल अधिकारी धर्मेंद्र सिंह सचिव के अलावा जिलाधिकारी डा. मन्नान अख्तर, पुलिस अधीक्षक डा. सतीश कुमार के साथ अपर जिलाधिकारी प्रमिल कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक डा. अवधेश कुमार सिंह, उपजिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित थे। वहीं आए हुए मजदूरों के लिए प्रशासन ने तो खाने पीने की व्यवस्था की ही थी साथ ही समाजसेवियों ने भी उनके खाने पीने के इंतजाम की कोई कसर नहीं छोड़ी। इस दौरान रेलवे के ही कर्मचारी डा. रवि शाक्या, अलीम सर, महेश्वरी आदि मौजूद रहे तो वहीं महिला थानाध्यक्ष नीलेश कुमारी ने भी अपनी टीम के साथ घर पर खाना बनाया था। उसे लाकर प्रवासी मजदूरों को बांटा।






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