माधौगढ- कोविड-19 के नोडल अधिकारी ने बंगरा,माधौगढ़ और रामपुरा के क्वॉरेंटाइन सेंटरों का निरीक्षण किया। जरूरी निर्देश दिए और प्रवासी मजदूरों से बातचीत की। व्यवस्थाओं से संतुष्ट नजर आए लेकिन ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के दर्द से अनभिज्ञ रहे। प्रवासियों के लिए दिन रात सुख-सुविधाओं में जुटे राजस्व कर्मचारियों की चिंता कोई नहीं कर रहा। कोविड-19 के नोडल अधिकारी धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बंगरा,माधौगढ़ और रामपुरा के क्वॉरेंटाइन सेंटर को देखा। प्रवासी मजदूरों के लिए सेन्टरों पर इंतज़ामों का गहन निरीक्षण किया। प्रवासी मजदूरों से बात कर और किचिन की व्यवस्था देखकर संतुष्ट नजर आए। सभी सेन्टरों पर प्रतिदिन 250 के लगभग मजदूर आ रहे हैं। जिनकी चिकित्सकों के माध्यम से थर्मल स्क्रीनिंग की जाती है,फिर उन्हें खाना खिलाकर संबंधित गांवों के लिए भेज दिया जाता है। लक्षण नजर आने पर उनकी सैम्पलिंग की जाती है और उनके साथ के लोगों को क़वारन्टीन किया जाता है। रिपोर्ट आने के बाद ही निर्णय लिया जाता है। ऐसे में बंगरा सेंटर पर कर्मचारियों के लिए न सेनेटाइज की व्यवस्था है और न सुरक्षा के उपाय। फिर भी राजस्व कर्मचारी स्थानीय ग्राम प्रधान और ग्रामीणों के सहयोग से सभी व्यवस्थाएं जुटाने में लगे हुए हैं। पानी की कमी से जूझ रहे सेंटर पर एक टैंकर की व्यवस्था हो जाये तो समस्या कुछ हद तक कम हो सकती है। नोडल अधिकारी के निरीक्षण के दौरान एसडीएम सालिकराम,तहसील दार प्रेमनारायण प्रजापति,सीओ संजय शर्मा,ईओ राजीव कुमार,इंस्पेक्टर सुनील यादव,राजस्व मौजूद रहे।

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