कालपी। कालपी कोतवाली क्षेत्र के यमुना पट्टी के ग्राम मैनूपुर में बुधवार को आपसी रंजिश के चलते हुए विवाद के दौरान हुई फायरिंग की घटना को पुलिस प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए पीडि़त पक्ष द्वारा दिए गए शिकायती पत्र के आधार पर नौ लोगों के विरुद्ध हत्या का प्रयास तथा बलबा का मुकदमा पंजीकृत किया है। वहीं घटना के मुख्य चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया जबकि शेष बचे आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम ने कई जगहों पर छापेमारी की है।
मिली जानकारी के मुताबिक कालपी कोतवाली क्षेत्र के महेवा विकास खंड के यमुना पट्टी के ग्राम मैनूपुर निवासी गोविंद दीक्षित पुत्र रामनारायण दीक्षित ने कोतवाली कालपी के प्रभारी निरीक्षक मानिक चंद पटेल को दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि 13 मई की सुबह करीब दस बजे प्रार्थी अपने घर के बाहर चबूतरे में बैठा हुआ था तभी गांव के दिलीप तिवारी पुत्र ओमदत्त तिवारी व अवधेश तिवारी पुत्र मुन्ना तिवारी घर के दरवाजे आकर गालीगलौज करने लगे तथा इन लोगों द्वारा चिल्लाकर अपने अन्य सहयोगी राममोहन पुत्र रामलखन, अतुल दीक्षित पुत्र प्रमोद दीक्षित, अंकित पुत्र जयवीर, प्रमोद पुत्र रामऔतार, घनश्याम पुत्र मुकेश, मनीष पुत्र सतीश, अमित पुत्र प्रमोद दीक्षित सहित नौ नामजद आरोपियों के द्वारा प्रार्थी को जान से मारने की नीयत से ईंटा गुम्मा चलाए गए तथा जान से मारने की नीयत से तीन फायर करने का आरोप लगाया। पुलिस ने सभी नामजद नौ नामजद आरोपियों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत किया गया। वहीं पुलिस उपाधीक्षक राहुल पांडेय के निर्देश पर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मानिक चंद पटेल व हलका इंचार्ज अशोक कुमार द्वारा मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर मैनूपुर गांव के बाहर भागने के प्रयास में खड़े राममोहन पुत्र रामलखन,अंकित पुत्र जयवीर, प्रमोद पुत्र रामऔतार, घनश्याम पुत्र मुकेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। पुलिस उपाधीक्षक राहुल पांडेय व कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मानिक चंद पटेल ने दूरभाष पर बताया कि शेष बचे आरोपियों को भी शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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