उरई | कोरोना से गाँवों को बचाने के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् ने कानपुर प्रांत में कोरोना मुक्त गाँव निगरानी समितियों का गठन किया है | विद्यार्थी परिषद् के प्रांत मंत्री तरुण वाजपेयी ने बताया कि कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से अपने गाँव को बचाने के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् ने बुंदेलखंड और कानपुर परिक्षेत्र के जिलों में कोरोना मुक्त गाँव निगरानी समितियों का गठन कर गाँवों में व्यापक जन जागरण अभियान शुरू किया है | उन्होंने बताया कि भारत में प्रारम्भिक चरण में कोरोना का व्यापक असर महानगर एवं शहरी क्षेत्रों में ही था परन्तु पिछले 2 सप्ताह से जिस प्रकार से महाराष्ट्र , दिल्ली , पंजाब , हरियाणा , गुजरात जैसे प्रांतों से प्रवासी कामगार अपने गाँवों में वापस आये हैं तब से उत्तर प्रदेश के गाँवों में भी कोरोना का संक्रमण बढ़ गया है | इसी खतरे को ध्यान में रख कर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् ने गाँवों में कोरोना मुक्त निगरानी समितियों का गठन कर व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है |

इसके तहत गाँव में बाहर से लौटे प्रवासियों को १४ दिन होम क्वारंटाइन के लिए प्रेरित करना , गाँव के लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग के महत्त्व को बताना , घर से बाहर निकलने पर मास्क और गमछा का उपयोग अनिवार्य रूप से करना तथा अति आवश्यक होने पर ही घर के बाहर निकलने के लिए जागरूक किया जा रहा है | प्रांत मंत्री तरुण वाजपेयी ने बताया कि आज सभी के सहयोग से उत्तर प्रदेश कोरोना जैसी वैश्विक महामारी की कड़ी को तोड़ने में सफल हुआ है | यदि आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश के गाँवों को जन जागरूकता के माध्यम से कोरोना मुक्त करने का प्रयास सफल होता है तो अपना प्रदेश शीघ्र ही कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से मुक्ति पा लेगा |
तरुण वाजपेयी ने बताया कि प्रत्येक निगरानी समिति में 5 से 7 लोगों को रखने कका आग्रह किया गया है | निगरानी समितियां गाँव में रह कर ग्राम के ही प्रतिष्ठित लोगों एवं नौजवानों के संगठित सहयोग से इस काम को सफलता पूर्वक पूरा किया जाएगा |

 

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