
जेसीबी मशीनों से जारी कार्य, सरकारी धन में मौज काट रहे प्रधान व ब्लाक अधिकारी
कदौरा ब्लाक में मजदूरों के बदतर हालात, डीडीओ लगा चुकी कई बार फटकार
कदौरा। विकास कार्यों में भ्रष्टाचार रुक जाए एेसा नामुमकिन है लेकिन गरीब मजदूरों का हक डकारना बेहद शर्मनाक है। विकास खंड क्षेत्र में दिन रात मशीनों से हो रहे मनरेगा कार्य में ग्रामीणों ने आपत्ति लगाई तो उच्चाधिकारी हर बार की तरह बोले जानकारी करते हैं जबकि एेसा पहली बार नहीं हुआ है जहां मजदूरों की बजाय प्रधान जेसीबी से काम कराकर लाखों रुपए की राशि का बंदरबांट कर लेते हैं और आखिर में मजदूरों के ही पेट में लात पड़ते दिखाई देती है।
गौरतलब हो कि विकास खंड कदौरा क्षेत्र में अलग अलग ग्राम बड़ागांव, खुटमिली, सुजानपुर सहित कई गांवों के लोगों द्वारा विकास खंड अधिकारी को सूचित किया गया कि साहब मनरेगा का कार्य मजदूरों से न कराकर जेसीबी से कराया जाता है और सरकार से मिले धन की सुनियोजित ढंग से बंदरबांट कर ली जाती है लेकिन उक्त मामलों के प्रमाण होने के बाद बीडीओ से शिकायत के कुछ मिनटों बाद उलटे शिकायत कर्ता के फोन पर प्रधान के फोन आ जाते हैं और धमकी भी मिल जाती है और बाद में सब मिलजुलकर लीपपोत दिया जाता है। गुरुवार को विकास खंड क्षेत्र के ग्राम खुटमिली निवासी ग्रामीणों द्वारा प्रमाण सहित बीडीओ अतिरंजन सिंह को सूचना देकर बताया गया कि साहब उक्त ग्राम पंचायत ने मनरेगा कार्य जेसीबी मशीन से हो रहा है जो कई दिनों से रात में जारी है तो अधिकारी द्वारा ग्रामीण को जवाब दिया गया कि जानकारी नहीं है दिखवाते हैं। वहीं ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि एेसा पहली बार नहीं हुआ कि जब मजदूरों का हक छीना गया हो। पहले भी इसी गांव में मनरेगा कार्य मशीनों से ही कराए गए थे और मजदूर घरों पर ही इंतजार करते हैं कि कब काम मिलेगा। फिलहाल कुछ ग्राम पंचायतों में सांठगांठ से प्रधान किसी कच्चे कार्य की एमबी होने से पहले ही काम मजदूरों की बजाय मशीनों से करा लेते हैं फिर फर्जी तौर पर एमबी बनवाकर उसकी धनराशि बिना काम करने वाले चहेते जाब कार्डधारकों के खाते में डलवाकर खुद प्रधान निकलवा लेते हैं और थोड़ा बहुत पैसा मजदूर व जाब कार्डधारक को देकर बाकी पूरा पैसा फर्जी तौर पर डकार लिया जाता है और कहीं भी शिकायत करो कोई फर्क नहीं पड़ता। फिलहाल खुटमिली में जेसीबी से मनरेगा होने की शिकायत पर बीडीओ अतिरंजन सिंह द्वारा कहा गया कि मनरेगा कार्य मशीन से करवाने की कोई अनुमति नहीं जानकारी की जाएगी। फिलहाल अधिकांश ग्राम पंचायतों में कमाऊ पूत प्रधानों द्वारा मिलजुलकर विकास कार्यों की आड़ में सरकार की धनराशि की चपत लगाई जा रही है और सबकी हिस्सेदारी होने के कारण कोई भी सुनवाई व कार्रवाई नहीं होती है और बाद में खुद शिकायत कर्ता से कह दिया जाता है कि आपकी शिकायत गलत है हमारे यहां से कोई एमबी ही नहीं बनाई गई है। फिलहाल मजदूरों की इस ब्लाक में बदतर हालात है जो मनरेगा योजना पर भरोसा न करते हुए परदेश पर ही मजदूरी के लिए पलायन करने को मजबूर रहते हैं। उक्त संबंध में बीडीओ को फोन लगाकर मामले की जानकारी लेना चाही तो अधिकारी द्वारा काल अटेंड नहीं की गई।







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