उरई। कोरोना संकटकाल में भी अनाज बैंक की तरफ से अनाज वितरण का कार्य नियमित तरीके से किया जाता रहा। लाक डाउन के दौरान और वर्तमान स्थितियों में भी अनाज बैंक निश्चित दूरी और सुरक्षात्मक उपायों के साथ आज भी वितरण कर रहा है। इस विषम स्थिति में अनाज बैंक की नियमित निकासी खाताधारक महिलाओं के साथ साथ जरूरतमंद लोगों को सहायता उपलब्ध करवाई गई। लाक डाउन के दौरान इस कार्य में जिला प्रशासन का भी सहयोग मिला। उक्त विचार अनाज बैंक निदेशक डा. अमिता सिंह ने जुलाई माह के अनाज वितरण के दौरान व्यक्त किए। उन्होंने आगे बताया कि बहुत सी महिलाएं जो बैंक तक नियमित राशन लेने आने में असमर्थ रही उनको उनके घर तक राशन पहुंचाया गया।
अनाज बैंक बुंदेलखंड जोन महाप्रबंधक डा. कुमारेंद्र सिंह सेंगर ने जानकारी देते हुए बताया कि मार्च से देशव्यापी लाक डाउन के बाद अनाज बैंक ने अपने प्रयासों को विस्तार दिया। बैंक की निकासी खाताधारक महिलाओं के साथ साथ कई परिवारों को भोजन, सेनेटाइजर, मास्क आदि की व्यवस्था करवाई गई। इसी कड़ी में वाराणसी से अपने गृह निवास ग्राम खजुरी, धनौरा में लौटे कुछ परिवारों को अनाज बैंक बुंदेलखंड के क्षेत्रीय कार्यालय उरई द्वारा राशन उपलब्ध करवाया गया। इसी के साथ साथ अनाज बैंक संरक्षक इंद्रेश कुमार के निर्देशानुसार तथा अनाज बैंक संस्थापक डा. दीपक श्रीवास्तव के निर्देशन में उरई शाखा द्वारा इसी परिवार की पुत्री के शुभ विवाह के अवसर पर यथोचित सहायता प्रदान की गई। जुलाई माह का वितरण करते हुए शाखा प्रबंधक धर्मेंद्र कुमार का कहना था कि लाक डाउन और उसके बाद अनलाक की प्रक्रिया में अनाज बैंक ने जनपद के तमाम जरूरतमंद परिवारों तक मदद पहुंचाई है। बैंक के मासिक नियमित वितरण के अलावा भी आपातकालीन वितरण की व्यवस्था की गई है। इसके द्वारा इच्छुक जरूरतमंद परिवारों को सहायता दी जा रही है। बैंक अपने उद्देश्य कोई भी भूखा न सोए को पूरा करने में सफल रहा है। आज के वितरण में पौरवी सिंह राणावत, शिवेश सिंह सेंगर सहित निकासी खाताधारक महिलाओं में रामकुंवर, शोभा रानी, आशा, चंदा, फातिमा, शबनम, रामश्री, बेटी बाई सहित अनेक महिलाएं उपस्थित रही।

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