उरई। जिले के गोहन थाना क्षेत्र के अब्दुल्लापुर सहित दर्जनों गांवों में बेरोकटोक मिट्टी का अवैध खनन हो रहा है। रोजाना मिट्टी से लदे सैकड़ों ट्रैक्टर ट्रालियों से जेसीबी द्वारा मिट्टी निकाली जा रही है।
स्थानीय पुलिस प्रशासन सबकुछ जानते हुए भी अनजान बना हुआ है। इसके चलते हर रोज राजस्व की क्षति हो रही है। भूतल एवं खनन विभाग का स्पष्ट आदेश है कि बगैर परमीशन और रायल्टी जमा किए बिना मिट्टी का खनन नहीं किया जा सकता। यह आदेश ईंट निर्माण के लिए खनन किए जा रहे मिट्टी के अलावा किसी भी प्रकार के खनन करने पर लागू है।
अपने खेत से भी खनन करने पर उसकी रायल्टी जमा करनी होती है। अवैध मिट्टी खनन को रोकने के लिए जिलाधिकारी के अलावा तहसील स्तर पर तैनात उपजिलाधिकारी और संबंधित थाने को भी जिम्मेदारी दी गई है। बावजूद कुछ ईंट उद्योग मालिकों को छोडक़र अन्य किसी को मिट्टी खनन की लिखित अनुमति जारी नहीं की गई है। विडंबना यह है कि जिन अफसरान पर अवैध खनन को रोकने व निगरानी करने का जिम्मा है वो चंद नजराना लेकर आंख और कान बंद किए हुए हैं। शहर से लेकर गांवों में बन रहे मकानों की नींव व रास्ते का भराव रोज हो रहा है। इस संबंध में पूछे जाने पर उपजिलाधिकारी ने बताया कि बिना परमीशन के मिट्टी खनन करना अपराध है। नियम का सख्ती से पालन कराया जाएगा अगर किसी भी प्रकार से मिट्टी खनन कराने में किसी की संलिप्तता पाई जाएगी तो संबंधित के खिलाफ विभागीय कार्रवाई कराई जाएगी।





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