
कालपी। सहकारिता के क्षेत्र में आरएसएस के राष्ट्रीय संगठन सहकार भारती के केंद्रीय संगठन मंत्री संजय पाचपोर एवं प्रदेश अध्यक्ष रमाशंकर जायसवाल ने कालिया स्थान कालपी में बालाजी हस्तनिर्मित कागज फैक्ट्री को देखने आज कालपी आए। यहां पहुंचकर हस्तनिर्मित कागज कैसे बनता है, क्या प्रोसेस है, उसमें कौन कौन सी मशीनें लगती हैं, उनकी क्या कीमत है तथा देश में प्रसिद्ध हाथ कागज उद्योग में आने वाली समस्याओं को समझने के लिए स्थानीय प्रोप्राइटर से बातचीत की तथा सहकार भारती के प्रदेश महामंत्री डा. प्रवीण सिंह जादौन ने बताया कि एक जिला एक उत्पाद के अंतर्गत कालपी के हस्तनिर्मित कागज को चयनित किया गया है। इसमें जीआई पंजीकरण के लिए वह प्रयासरत हैं जिससे इस उद्योग में आने वाली समस्याओं का निराकरण हो सके।
इस अवसर पर मौजूद ओम हाथ कागज उद्योग जोल्हुपुर के निर्माता उदय प्रताप सिंह ने कहा कि इस कुटीर उद्योग पर पूर्व में टैक्स नहीं लगता था। अब बारह प्रतिशत जीएसटी लगने से इस कुटीर उद्योग में संकट हो गया है जिससे साठ से अधिक कागज उद्योग बंद हो गए। कालपी के हाथ कागज उद्योग को पचास प्रतिशत की छूट मिलना चाहिए। भाजपा के नगर मंत्री हर्षित खन्ना ने राष्ट्रीय संगठन मंत्री को अवगत करवाया कि पहले गांव के बेरोजगार लोगों के लिए हाथ कागज उद्योग रोजगार के अवसर प्रदान करता था। बंद इकाइयों के पुन: प्रारंभ होने से लाक डाउन में आए प्रवासी श्रमिकों को भी रोजगार मिलेगा। सहकार भारती के क्षेत्रीय संगठन मंत्री लक्ष्मण पात्रा ने कहा कि सहकारी समिति बनाकर इस हाथ कागज उद्योग को गति प्रदान की जा सकती है जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। सहकार भारती के केंद्रीय पदाधिकारियों ने कालपी के महर्षि वेद व्यास जी के प्राचीन मंदिर के दर्शन भी किए।






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