उरई । जनपद के प्रमुख समाजसेवी यूसुफ अंसारी अलमारी वाले  हरेक गरीब और मजलूम की मदद के हर समय खड़े रहते है | मानवीय सोच के धनी युसूफ साहब की इसी क्रम में एक और कहानी हर रक्षाबंधन पर लोगों को भावुक कर जाती है |
 जिला महिला चिकित्सालय उरई तैनात श्रीमती डा. गीतेश को उन्होंने बतौर  सगी बहन अपना लिया था और इस रिश्ते का निर्वाह वे बराबर करते आ रहे हैं । यूसुफ अंसारी हर त्योहार पर अपनी मुंह बोली बहन डा. गीतेश के यहां इस रिश्ते को ताजा करने के लिए पहुँचते हैं |
 चाहे दीवाली की भईयां दौज  हो या फिर होली के त्योहार की दौज  हो वे गीता से तिलक करवाना कभी नहीं भूलते |   रक्षाबंधन  का त्योहार तो उनके लिए बहुत ख़ास होता है | वे कहते हैं इस दिन अपनी  डा. गीतेश से  राखी बंधवा  कर वे निहाल हो जाते हैं | ऐसे निभाने वाले बहुत ही कम देखने को मिलते हैं ।

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