
उरई। उत्तर प्रदेश सरकार ने 2018 बैच के तेजतर्रार अफसर जयेंद्र कुमार को जनपद में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात किया है। वह वर्ष 2019 में अयोध्या और कानपुर में असिस्टेंट मजिस्ट्रेट के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। लालबहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी मसूरी में प्रशिक्षण के बाद इन्हें जिले में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के पद पर पहली तैनाती दी गई है। वह डिप्टी कलेक्टर के रूप में पहली बार जनपद में अपनी सेवा शुरू करेंगे।
उत्तर प्रदेश शासन ने बीते शुक्रवार को देर रात वर्ष 2018 बैच के युवा आईएएस अधिकारी जयेंद्र कुमार को जनपद का नया ज्वाइंट मजिस्ट्रेट बनाया है। जयेंद्र कुमार मूल रूप से महोबा जिले के मवई खुर्द गांव के रहने वाले हैं। उनका जन्म एक साधारण किसान के यहां हुआ है। उनकी प्राथमिक शिक्षा गांव में ही पूरी हुई। वर्ष 2002 में उनका चयन जवाहर नवोदय विधालय में हुआ। उन्होंने वर्ष 2009 में जेएनवीएम से दसवीं 89 फीसदी और बारहवीं 88.6 फीसदी अंकों से पास की। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2010 में आईआईटी जेई क्लीयर किया और केमिकल इंजीनियरिंग कालेज वाराणसी में प्रवेश लिया। वर्ष 2014 में डीजीपीए 8.48 अंको के साथ उत्तीर्ण किया मगर वह पढ़ाई में बहुत तेज थे। उनका मन सिविल सेवा में जाने का था। वर्ष 2015 में नौकरी करने के साथ उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की और सीएसई 2017 में 150वीं रैंक हासिल कर जनपद का ही नहीं पूरे बुंदेलखंड का नाम रोशन किया। उन्होंने दूरभाष पर जनसंदेश टाइम्स को बताया कि शासन द्वारा उन्हें जनपद जालौन का ज्वाइंट मजिस्ट्रेट बनना गौरव की बात है। साथ ही जिलाधिकारी डा. मन्नान अख्तर के निर्देशन में कार्य करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने बताया कि जिले में ग्रामीण विकास योजनाओं को गति दिलाई जाएगी। अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर सरकार की सात निश्चय योजना, जल जीवन हरियाली योजना को अमलीजामा पहनाया जाएगा। ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। नए प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने की कोशिश की जाएगी।
जयेंद्र कुमार वर्ष 2014 से 2017 तक इंडियन आयल कारपोरेशन में इंजीनियर के पद पर तैनात रहे हैं। नौकरी के साथ साथ वह लगातार सिविल सेवा की तैयारी करते रहे। अपने तीसरे प्रयास में उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा पास की है। महोबा जिले के रहने वाले जयेंद्र कुमार अयोध्या में भी सहायक मजिस्ट्रेट व सहायक कलेक्टर के पद पर रह चुके हैं। इसके साथ ही उन्हें वर्ष 2020 की शुरूआत में फैजाबाद के क्षेत्र पंचायत हर्रिटनगंज में खंड विकास अधिकारी के रूप में तैनात किया गया था मगर वह केवल दो महीने ही इस पद पर रहे हैं।






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