कदौरा-उरई | स्कूली शिक्षा में स्वास्थ्य, पर्यावरण, सेहत आदि के लिये बच्चे अब किताबी ज्ञान के साथ साथ *आओं करके सीखे* के सिद्धांत पर शिक्षा ग्रहण करते हैं। यही नहीं उनकी सेहत में सुधार भी हो रहा है । मझवार ग्राम में प्राथमिक पाठशाला के बच्चों ने गुरूजनों व प्रधान के साथ मिलकर अपने विद्यालय में पोषण बगिया तैयार की है जहॉ उन्हे प्रतिदिन ताजी और हरी सब्जियों के साथ साथ सलाद का भी स्वाद मध्यान्ह भोजन योजना में मिल रहा है ।
कदौरा विकासखण्ड के ग्राम मझवार में प्राथमिक विद्यालय के प्रधान, गुरूजनों और बच्चों ने मिलकर स्कूल परिसर में पोषण बगिया तैयार की हैं। इसमें गाजर, मूली, पालक, टमाटर, मिर्च, बैगन, मैथी, हरी धनिया, प्याज आदि सब्जियॉ लगी हुई हैं । अनेक तरह से फूल भी लगाये गये हैं। इस स्कूल परिसर की हरियाली और फूलों की सुगन्ध अपनी अनुपम छटा बिखेर रही है।
ग्राम पंचायत निस्वापुर (मझवार) के प्रधान *सुभाषचन्द्र* बताते हैं कि स्कूल परिसर मे पहले लोगो ने अवैध तरीके से शौचालय आदि बना रखे थे और आवाजाही का रास्ता भी स्कूल परिसर से बना रखा था। उन्होने प्रधान बनने के बाद शिक्षा के मन्दिर-प्राथमिक वि़द्यालय मे बने अवैध शौचालयो को हटवाया। स्कूल परिसर में बाउण्ड्री बनवाई। सोकपिट का निमार्ण करवाया। अब स्कूल परिसर हराभरा है और पोषण बगिया भी है। इससे बच्चों को ताजी व हरी सब्जियॉ मिल जाती हैं।
प्राथमिक विद्यालय मझवार के प्रधानाध्यापक राजेन्द्र कुमार बताते हैं कि उनके स्कूल में पिछले साल ही बाउण्ड्री बनी है। स्कूल परिसर में आवारा जानवरों व बेसमय आने जाने वाले लोगो से निजात मिली। इस परिसर को हरा-भरा बनाने और नवाचार से साथ शिक्षण कार्य को लेकर उन्होने स्कूल में पोषण बगिया तैयार की है ।







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