मस्जिद के चबूतरे को हडपने की कोशिश से अकीदतमंद नाराज, एसडीएम को प्रार्थना पत्र देकर लगाई हस्तक्षेप की गुहार


उरई। बजरिया स्थित दादूपुरा मस्जिद के परिसर के चबूतरे पर कब्जे की नियत से कचडा आदि डालकर कुछ लोगो द्वारा पैदा किये जा रहे अवरोध से अकीदतमंदों में गुस्से की लहर फैली हुयी है। दादूपुरा मस्जिद की इंतजामिया कमेटी के सेकेट्री मु0 शफी ने प्रार्थना पत्र देकर उप जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की गुहार लगायी है जिस पर कई और नमाजियों ने भी हस्तक्षार किये है।
       प्रार्थना पत्र में मु0 शफी ने बताया कि चबूतरा सहित दादूपुरा मस्जिद के आस पास की जमीन के मालिक मरहूम नंगे सांई के वारिसान ने एक समय यह जगह दादूपुरा मस्जिद को बैनामा करके सौंप दी थी जो उनके वारिस बुद्धू शाह व कुछ अन्य को मंजूर नहीं हुआ और वे मुन्सिफ अदालत में चले गये । बाद में 12 अप्रेल 1971 को तत्कालीन मुन्सिफ मजिस्टेªट ने इस विवाद का फैसले में चबूतरे पर दादूपुरा मस्जिद के हक को मान्यता दे दी लेकिन बुद्धू शाह आदि को फिर भी यह कबूल नहीं हुआ जिससे उन्होने इस मामले में अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय की अदालत में अपील दायर कर दी जिन्होने 13 सितम्बर 1976 को यह अपील खारिज किये जाने का आदेश सुना डाला और मस्जिद के पक्ष में 24 फरवरी 1954 के बैनामें की पुष्टि कर दी ।
      मु0 शफी ने अपर सत्र न्यायाधीश के इस आदेश की छायाप्रति भी उप जिलाधिकारी सदर को प्रदान कर दी है। उनका आरोप है कि प्रार्थना पत्र में दिये गये नाम माफिया और अपराधी किस्म के लोग है जिनका इरादा जाली कागजातों के जरिये मस्जिद के चबूतरे पर कब्जा करना है। उन्होंने उप जिलाधिकारी से इस हरकत को न्यायहित में नाकाम करने की मांग करते हुये चबूतरे को अवरोध मुक्त कराने की गुहार लगाई है। मु0 शफी के अलावा उक्त प्रार्थना पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में असफाक अहमद , सुलेमान, नवेद हबीब , अंसार , अनवार खंान आदि भी शामिल हैं।

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