ओडीए की नई महायोजना प्रकाशित , प्रमुख मार्गो पर बदला भू उपयोग


उरई। विकास प्राधिकरण क्षेत्र में गत 14 दिसम्बर से 2031 तक प्रभावी महायोजना का प्रकाशन कर दिया गया है। यह जानकारी देते हुये प्राधिकरण के पदेन सचिव सिटी मजिस्टेªट कुवंर वीरेन्द्र मौर्य ने बताया कि नई महायोजना में कई स्थानों पर भू उपयोग बदल दिया गया है। कृषि उपयोग भूमि को आवासीय या वाणिज्यिक घोषित कर दिया गया है जिससे इन क्षेत्रों में मानचित्र स्वीकृत करने में अब अधिक शुल्क लिया जायेगा। भूखण्डों के क्रय विक्रय में भी पंजीकरण शुल्क बढाकर देना होगा और पहले से अधिक मूल्य के स्टाम्प लगाने होगें।
      उन्होंने बताया कि महायोजना की रूपरेखा में इकलासपुरा से चुर्खी चैराहा, चुर्खी चैराहे से जालौन चैराहा कोंच रोड तक भू उपयोग कृषि से आवासीय किया गया है। उधर चुर्खी चैराहा से चक जगदेवपुर की सीमा तक भी कृषि भूमि को आवासीय घोषित कर दिया गया है। इकलासपुरा से जालौन चैराहा तक रोड निर्माण करने की अनुमन्य दूरी 66 मीटर से 45 मीटर कर दी गयी है।
     जेल रोड पर पार्क एवं क्रीडा स्थल की भूमि अब आवासीय कर दी गयी है जबकि मरघट रोड पर कोंच तिराहे से झांसी चुंगी तक का क्षेत्र पार्क एवं क्रीडा स्थल से आवासीय रूप में परिवर्तित कर दिया गया है। राठ रोड पर विजय विक्रम होटल से एनएच 27 तक कृषि भूमि को आवासीय भूमि में बदल दिया गया है। चैरसी चैराहे से पाॅलीटेकनिक तक भू उपयोग को आवासीय और वाणिज्यिक कर दिया गया है। अजनारी रोड पर बाईपास से एनएच 27 हाइवे तक भी कृषि भूमि को आवासीय भूमि बना दिया गया है।
      राष्ट्रीय राजमार्ग एवं प्रादेशिक राजमार्ग पर 30 मीटर की हरित पटटी और 300 मीटर का हाइवे फैसलिटी जौन बनाया गया है। कई अन्य स्थानों पर भी भू उपयोग को परिवर्तित किया गया है। सही उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी ओडीए में किसी भी कार्य दिवस पर मिल सकती है। उन्होंने आगाह किया कि उरई विकास प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी तरह का निर्माण मानचित्र स्वीकृत कराकर ही करें। बिना मानचित्र मंजूरी के निर्माण कार्य को उत्तर प्रदेश नगरीय योजना एवं विकास अधिनियम 1973 के अन्तर्गत शील एवं ध्वस्तीकरण की काईवाई की जायेगी। 

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