
उरई। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मंगलवार को पार्टी के हर दिल अजीज युवा नेता दिवंगत सुरेन्द्र मौखरी के निधन पर शोक संवदेना व्यक्त करने यहां पहुंचे । उन्होंने राठ रोड पर विजय विक्रम रिसोर्ट स्थित दिवंगत नेता के आवास पर पहुंचकर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करके उन्हें श्रद्धांजलि दी । इसके बाद उन्होंने सुरेन्द्र की पत्नी , भाई, बेटे आदि परिजनों से भेंट करके उन्हें ढांढस बधाया ।
सुरेन्द्र को बताया अपना प्रिय कार्यकर्ता
उन्होंने परिजनों से कहा कि सुरेन्द्र उनके प्रिय कार्यकर्ताओं में से थे । बसपा शासनकाल के समय सरकारी दमन चक्र के खिलाफ उनके जुझारू संघर्ष को भी राष्ट्रीय अध्यक्ष ने याद किया और कहा कि जिले में पार्टी को उनसे बहुत उम्मीदें थीं । उनके निधन से पार्टी को जो क्षति हुयी है उसकी भरपाई आसानी से नहीं हो सकेगी।
झांसी से वे अपने साथ पूर्व विधान परिषद सदस्य श्यामसुन्दर पारीक्षा को भी ले आये थे। उनका पहले 11ः30 बजे सुरेन्द्र मौखरी के आवास पर आ जाने का कार्यक्रम था लेकिन रास्ते में जगह जगह कार्यकर्ताओं से संवाद करने के कारण उन्हें बेहद विलम्ब हो गया और वे लगभग 2ः30 बजे पहुंच पाये।
सुरेन्द्र मौखरी के आवास पर उनके सम्मान में कालपी के विधायक विनोद चतुर्वेदी , युवा नेता सुदामा दीक्षित , पूर्व मंत्री श्रीराम पाल , पूर्व विधायक दयाशंकर वर्मा , गौरीश अवस्थी जालौन , दिवंगत सुरेन्द्र मौखरी के सबसे घनिष्ठ शफीकुर्रहमान कश्फी, मिर्जा साबिर बेग सहित सारे प्रमुख नेता मौजूद थे।
इन्द्रजीत भाई साहब को भी सांत्वना , कमर एडवोकेट के बेटों का हौंसला बधाया
बाद में वे विधायक विनोद चतुर्वेदी के आवास पर भी गये जहां उनका जोशीला स्वागत किया गया । झांसी से लेकर उरई तक अखिलेश के दौरे के समय उनके द्वारा विनोद चतुर्वेदी को अत्यधिक महत्व दिया गया । उन्होंने जाहिर किया कि बुन्देलखण्ड में स्थिति मजबूत करने के लिये वे विनोद चतुर्वेदी को आगे रखकर कार्य करना चाहते हैं। इसके अलावा सपा मुखिया पार्टी के लम्बे समय तक जिलाध्यक्ष रह चुके और नेता जी के शुरूआती दौर के साथी इन्द्रजीत सिंह यादव की कुशल क्षेम पूंछने उनके भी घर गये। कोरोना संकट के समय उनकी पत्नी की संक्रमित हो जाने से मौत हो गयी थी जबकि स्वयं इन्द्रजीत सिंह यादव की भी स्थिति तब से नाजुक है। अखिलेश ने इन्द्रजीत सिंह को सांत्वना दी और उनके भी शीघ्र स्वास्थ लाभ की कामना की । इन्द्रजीत सिंह यादव के सुपुत्र और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष आनन्द यादव भी उपस्थित रहे ।
समाजवादी पार्टी से लोकदल के समय से ही जुडे रहे पूर्व डीजीसी कमर अहमद का इस बीच में इंतकाल हो जाने से वे उनके आवास पर भी मातमपुर्सी के लिये जाना चाहते थे लेकिन रास्ता संकरी गलियों से होने के कारण सुरक्षा दस्ते ने इसकी इजाजत नहीं दी। इस कारण उन्होंने कमर अहमद के बेटों को मुलाकात के लिये दीपराज गुर्जर के आवास पर बुला लिया । माधौगढ में पार्टी की भविष्य की आशाओं के केन्द्र दीपराज गुर्जर की पार्टी में अहमियत जताने के लिये वे उनके आवास पर भी गये और वहां पत्रकारों से वार्ता भी की । अखिलेश यादव का दयाशंकर वर्मा के आवास पर भी पहुंचने का कार्यक्रम था लेकिन समयाभाव हो जाने की वजह से उन्हें इरादा बदलकर सीधे लखनऊ प्रस्थान कर जाना पडा ।






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