अव्यवस्था के कारण गौवंशों के लिये कब्रगाह बन रही है गौशालायें, लौना की गौशाला में भी कई गायों ने तोडा दम


जालौन- उरई। निराश्रित घूम रहे गौवंश को सुरक्षित आश्रय में रखने के जिला प्रशासन के कटिबद्ध प्रयास व्यवहारिक कारणों से परवान नहीं चढ पा रहे हैं। ब्लाॅक क्षेत्र के लौना गांव स्थित गौशाला में गौवंशों की मौत फिर प्रशासन के लिये बबाले जान बन गयी । आक्रोशित ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन देकर गौशाला में व्यवस्थायें दरूस्त कराने की मांग की ।
       रामू सेंगर , राजू, विक्रम सिंह गौर , गौरव सेंगर , प्रताप सिंह , धरमपाल सिंह , सुरेन्द्र सिंह , भगवान सिंह , मोन्टी आदि ग्रामीणों ने एसडीएम सना अख्तर को दिये ज्ञापन में बताया कि गांव में संचालित गौशाला में गौवंशों के लिये चारे की उचित व्यवस्था नहीं है। उन्हें चारा भूसा के नाम पर घास फूंस दी जा रही है । गौशाला में ठण्ड से बचाव के लिये भी पर्याप्त इन्तजाम नहीं है। सुबह शाम अधिक ठण्ड के समय अलाव की भी व्यवस्था नहीं है। पेट न भरने के कारण ठण्ड के चलते गौशाला में 10 गौवंशों की मौत हो गयी है। इसके बाद भी सचिव व प्रधान बेपरवाह हैं। मृत गौवंशों का अंतिम संस्कार भी नहीं कराया जाता है जिसके कारण गौवंश के शवों को कुत्ते नौंचते नजर आते हैं।
        ग्रामीणों ने एसडीएम से गौशाला की व्यवस्थाओं की जांच कराने व उसमें रखे गये गौवंशों की ठण्ड से बचाव और खाने की समुचित व्यवस्था की मांग की है।

Leave a comment