उरई। जैसी के अटकले लगाई जा रही थी नगर निकाय चुनाव फिलहाल टलवाने के लिये राज्य सरकार ने अब विधान परिषद चुनाव की अधिसूचना का पैंतरा अमल में ला दिया है। राज्य सरकार आरक्षण के मुददे पर दिखावे के लिये सुप्रीम कोर्ट में भले ही चली गयी हो लेकिन निकाय चुनाव समर्पित ओबीसी आयोग की रिपोर्ट आने तक के लिये इन चुनावों को स्थगित रखने का इरादा उसने पहले ही जाहिर कर दिया था।
संसदीय और विधानसभा उप चुनावों के संकेत से घबराई राज्य सरकार के इरादों के बारे में कयास थे कि वह अभी नगर निकाय चुनाव का सामना नहींे करना चाहेगी। परिस्थितियां इसी के अनुरूप आकार लेती रही। ओबीसी आरक्षण को लेकर हाईकोर्ट में दायर याचिका स्वतः इसमें अवरोध का कारण बन गयी जिसे लेकर हाईकोर्ट का फैसला आया तो राज्य सरकार ने पिछडों के लिये क्रान्तिकारी तेवर दिखा डाले लेकिन बात कहीं पर निगाहें कहीं पर निशाने वाली बात थी। पेंच ऐसा फसा या फसाया गया कि इस मुददे पर कई महींनों के लिये चुनाव टल गये । इसका और पुख्ता इंतजाम करने को राज्य सरकार ने आज एलएलसी चुनाव की अधिसूचना जारी करा दी है।
तीन स्नातक खण्ड और दो शिक्षक खण्ड में वर्तमान सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने के कारण निर्वाचन आयोग द्वारा जारी की गयी अधिसूचना के मुताबिक इनके लिये 5 से 12 जनवरी के बीच नामांकन होगा। पर्चो की जांच 13 से 15 जनवरी के बीच होगी। 16 जनवरी को नाम वापिसी की अन्तिम तिथि निर्धारित की गयी है। मतदान 30 जनवरी को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक कराया जायेगा। जबकि 2 फरवरी को मतगणना होगी।
जिन क्षेत्रों में चुनाव होना है उनमें गोरखपुर- फैजाबाद खण्ड स्नातक , कानपुर खण्ड स्नातक , बरेली मुरादाबाद खण्ड स्नातक , इलाहाबाद झांसी खण्ड शिक्षक और कानपुर खण्ड शिक्षक शामिल हैं।






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